Tuesday, July 7, 2026

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टिन्नू यादव से नाम जोड़ने पर अखिलेश ने नोटिस भिजवाया:भाजपा सांसद निशिकांत बोले- थाने जाकर FIR भी कराइए; मैं भी कोर्ट जाऊंगा


अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव को लेकर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे में ठन गई है। अखिलेश ने मंगलवार दोपहर 1:55 बजे सपा के प्रदेश अध्यक्ष केके पाल के जरिए निशिकांत दुबे को मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है। यह नोटिस टिन्नू यादव से अखिलेश की कथित बातचीत के आरोपों को लेकर है। सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने आरोपों को पूरी तरह झूठा और दुर्भावनापूर्ण बताया है। वहीं, सपा नेताओं ने इटावा के फ्रेंड्स कॉलोनी थाने में निशिकांत दुबे और सोशल मीडिया पर टिन्नू और अखिलेश के बीच बातचीत का दावा करने वाले कई लोगों के खिलाफ शिकायत की है। इस पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा- भारतीय न्याय संहिता कानून के प्रावधानों के तहत खुद अखिलेश यादव जी को थाने जाकर शिकायत दर्ज करानी होगी। कानून का पालन करिए। अखिलेश जी इस तरह का वकील लोग आपको बेइज्जत कर रहा है, मानहानि यदि आपका हुआ है तो नोटिस भी आपकी तरफ से ही आएगा ना, कानून यही कहता है। इस कानून को बनाने वाले कमेटी का मैं भी सदस्य था, इसलिए जानकारी है। आपने क्या हालत बना रखी है, कुछ लेते क्यों नहीं? कम से कम विक्स की गोली ले लीजिए। निशिकांत दुबे के 3 पोस्ट पढ़िए… अखिलेश ने X पोस्ट हटाने की चेतावनी दी थी निशिकांत दुबे झारखंड की गोड्‌डा सीट से भाजपा सांसद हैं। उन्होंने 5 जुलाई को सरवन्ना प्रसाद बालासुब्रमण्यम की X पोस्ट को शेयर किया, जिसमें दावा किया गया था कि आरोपी टिन्नू यादव सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से नियमित रूप से बातचीत करता था। पुलिस जांच और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड के हवाले से सरवन्ना ने यह दावा किया था। निशिकांत ने लिखा था- “टिन्नू टीपू से ही तो बात कर रहा था?” निशिकांत दुबे की पोस्ट पर अखिलेश यादव भड़क गए। उन्होंने दुबे को 10 मिनट का समय देते हुए पोस्ट डिलीट करने की चेतावनी दी थी। कहा था- भाजपा सांसद 10 मिनट के भीतर अपना झूठा सोशल मीडिया पोस्ट हटा लें, नहीं तो उनके खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अखिलेश ने संसदीय परंपरा, सभ्यता और भगवान राम की मर्यादा का हवाला देते हुए इसे झूठा प्रचार बताया। उन्होंने कहा कि यह भाजपा का पीडीए गठबंधन को बदनाम करने का प्रयास है। अखिलेश की चेतावनी पर भी निशिकांत दुबे ने टिप्पणी की। उन्होंने X पर लिखा- जल्दी करिए, इतना परेशान क्यों हैं? प्रश्न ही तो पूछा है? 1990 में राम भक्त पर गोली किसने चलवाई? मैं अदालत जाऊंगा। नोटिस में लिखा- निशिकांत दुबे पोस्ट हटाएं, माफी मांगें समाजवादी पार्टी ने अब औपचारिक रूप से मानहानि का नोटिस जारी कर कानूनी कार्रवाई की ओर कदम बढ़ाया है। नोटिस में दुबे से सार्वजनिक माफी मांगने और पोस्ट हटाने की मांग की गई है, अन्यथा आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अखिलेश यादव ने अन्य लोगों को भी ऐसी पोस्ट हटाने और माफी मांगने की चेतावनी दी है। उधर, सपा के अयोध्या से पूर्व विधायक पवन पांडेय ने एक वीडियो जारी कर कहा है कि आरोप साबित, चोरी साबित, चोर जेल गए, ट्रस्टी बर्खास्त हुए। अब BJP-संघ-विहिप अखिलेश यादव और टिन्नू यादव पर फोन कॉल का फर्जी दुष्प्रचार कर रहे हैं। खुली चुनौती है कि अगर फोन पर बातचीत के सबूत हैं तो दिखाएं, वरना अखिलेश यादव से सार्वजनिक माफी मांगें। पवन पांडे ने कहा राजनीति तथ्य और प्रमाण पर होनी चाहिए, झूठे आरोपों पर नहीं। उन्होंने ये भी कहा है कि अगर भाजपा के लोग इसे साबित कर देंगे तो वे राजनिति से सन्यास ले लूंगा। कौन है टिन्नू यादव, जानिए… टिन्नू यादव, चंपत राय का ड्राइवर था। वह अयोध्या का ही रहने वाला है। इस समय वह जेल में है। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में यह भी बताया है कि रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू के पास बिना किसी औपचारिक लिखित आदेश के मंदिर की हुंडियों की चाबियों और पहुंच संबंधी व्यवस्थाओं का नियंत्रण था। रिपोर्ट के अनुसार, इसी व्यक्ति की सिफारिश पर मनीष कुमार यादव को गणना कार्य में लगाया गया, जो बाद में चोरी के मामलों में संलिप्त पाया गया। एसआईटी ने इसे सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक माना है। —————— यह खबर भी पढ़िए:- गोविंद देव बोले-चंपत राय ने अपराधी टिन्नू को ड्राइवर रखा:वह सब कंट्रोल करता था, बाहरी लोगों के संपर्क में था; अब CEO रखेंगे राम मंदिर चढ़ावा चोरी विवाद पर मंगलवार को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि जी महाराज ने खुलकर अपनी बात रखी। कहा- मैं जब ये कहता हूं कि वे (चंपत राय) निर्दोष हैं, तो मेरा मतलब है कि इस पूरे कांड के साथ उनका कोई चारित्रिक संबंध नहीं हो सकता। लेकिन वे खुद सावधान नहीं रहे। उन्होंने एक अपराधी को अपना ड्राइवर रखा था। उसके पास चाबियां थीं। सब कुछ वही कंट्रोल करता था। उनके ड्राइवर ने ही यह सब किया। मुझे आशंका है कि ड्राइवर बाहरी लोगों से जुड़ा था। यह सब CEO नहीं होने की वजह से हुआ। इसलिए हम एक CEO लाएंगे। दूसरी ओर, ट्रस्ट के नए महासचिव कृष्ण मोहन दास ने आज कामकाज संभाल लिया। पढ़ें पूरी खबर…

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