Wednesday, June 17, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

डीन की चिंता- कैंपस से छात्र गायब, वीसी बोले- नेगेटिव पोस्ट नहीं करें


राज्य के सबसे बड़े विश्वविद्यालयों में शामिल रांची यूनिवर्सिटी इन दिनों अकादमिक संकट से गुजर रहा है। स्नातक, स्नातकोत्तर और वोकेशनल कोर्सों का शैक्षणिक सत्र लगातार लेट चल रहा है। परीक्षाएं किसी तरह आयोजित हो भी जाती हैं, लेकिन समय पर परिणाम घोषित करने में विवि प्रशासन विफल है। इसके कारण हजारों छात्र अगले सेमेस्टर में प्रमोट नहीं हो पा रहे हैं और उनका पूरा एकेडमिक कैलेंडर प्रभावित हो गया है। स्थिति यह है कि नए सत्र में एडमिशन लिए दो महीने बीत जाने के बाद भी कई विभागों में कक्षाएं शुरू नहीं हुई हैं। कैंपस वीरान नजर आ रहा है। इसी हालात को लेकर विधि संकाय के डीन डॉ पंकज कुमार चतुर्वेदी ने विवि अधिकारियों के व्हाट्सऐप ग्रुप में अपनी चिंता जताई है, जिसपर कई संकायाध्यक्षों ने भी प्रतिक्रिया देते हुए उदासी वाली इमोजी पोस्ट कर दी। इसके बाद कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ग्रुप में संदेश पोस्ट कर सदस्यों से नकारात्मक सूचना पोस्ट नहीं करने का अनुरोध किया। इस व्हाट्सएप मैसेज ने विवि की अकादमिक व्यवस्था और उसके सामने खड़ी चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 3 केस स्टडी से समझें अकादमिक अव्यवस्था 1. स्नातक सेकेंड सेमेस्टर का परिणाम 1 साल से लंबित : रांची वि​िव में स्नातक सेकेंड सेमेस्टर की परीक्षा लगभग एक साल पहले हुई थी। लेकिन अब तक उसका परिणाम घोषित नहीं किया जा सका है। हजारों छात्र परिणाम के इंतजार में हैं। परिणाम घोषित नहीं होने के कारण छात्र अगले शैक्षणिक चरण की योजना भी नहीं बना पा रहे हैं। इससे पूरे शैक्षणिक सत्र की गति प्रभावित हो रही है। 2. इतिहास में पहली बार पीजी में एडमिशन नहीं : रांची विवि के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि सत्र 2025-27 में पीजी कोर्सों में एडमिशन नहीं लिया गया। इसकी मुख्य वजह स्नातक फाइनल ईयर का परिणाम लंबित होना है। जब तक परिणाम घोषित नहीं होगा, तब तक छात्र पीजी में दाखिला नहीं ले सकते। 3. उत्तर पुस्तिकाओं की जांच में देरी : एलएलबी और कई वोकेशनल कोर्सों की परीक्षाएं समाप्त हुए एक माह से अधिक हो चुके हैं। इसके बावजूद कई कोर्सों की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन बहुत देर से शुरू हुआ है। कुछ विषयों की कॉपियों की जांच दो दिन पहले ही शुरू हुई है, जबकि कई की जांच अब तक शुरू ही नहीं हो पाई है। इससे परिणाम घोषित होने में और देरी की आशंका बढ़ गई है। वीसी का जवाब… हम लोग प्रॉब्लम शूटर हैं डीन के संदेश के बाद कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा- मैं सभी से अनुरोध करता हूं कि किसी भी प्रकार की नकारात्मक खबर या सूचना पोस्ट न करें। हम लोग प्रॉब्लम शूटर हैं, यानि समस्याओं का समाधान करने वाले हैं। कुलपति के इस संदेश के बाद विवि शिक्षकों के बीच चर्चा तेज हो गई कि अकादमिक संकट पर खुल कर बात होनी चाहिए या केवल समाधान पर ही ध्यान केंद्रित करना चाहिए। डीन बोले… पठन-पाठन ठप, आत्मचिंतन जरूरी विधि संकाय के डीन डॉ. पंकज कुमार चतुर्वेदी ने विश्वविद्यालय के व्हाट्सएप ग्रुप में लिखा है कि रांची विश्वविद्यालय, रांची विश्व स्तरीय विवि बने, यह हमारे चिंतन का विषय होना चाहिए। आज पूरे अकादमिक परिसर से छात्र गायब हैं। परीक्षा, मूल्यांकन एवं पठन-पाठन विगत ठप जैसे हैं। इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण भी समझ में नहीं आ रहा है। हम सबको आत्मचिंतन की आवश्यकता है। अंत में लिखते हैं- जय रांची गुरुकुल जय। जिसपर कई संकायाध्यक्षों ने भी प्रतिक्रिया देते हुए उदासी वाली इमोजी पोस्ट कर दी। इसके बाद कुलपति प्रो. धर्मेंद्र कुमार सिंह ने ग्रुप में संदेश पोस्ट कर सदस्यों से नकारात्मक सूचना पोस्ट नहीं करने का अनुरोध किया। इस व्हाट्सएप मैसेज ने विवि की अकादमिक व्यवस्था और उसके सामने खड़ी चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles