रांची| कटहल मोड़ के पास सोमवार को पेट्रोलियम डीलर एसोसिएशन (साउथ छोटानागपुर) की वार्षिक आमसभा हुई। इसमें रांची, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और लोहरदगा के 200 से अधिक पेट्रोल पंप डीलरों ने भाग लिया। बैठक में तेल कंपनियों की सप्लाई व्यवस्था, वितरण में पारदर्शिता की कमी और डीलरों की समस्याओं पर चर्चा हुई। एसोसिएशन के अध्यक्ष राजहंस मिश्रा ने कहा कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई को लेकर गंभीर अनिश्चितता बनी हुई है। पहले पंपों पर तीन दिनों का सुरक्षित स्टॉक रहता था, लेकिन अब अग्रिम भुगतान के बावजूद पर्याप्त आपूर्ति नहीं मिल रही है। उन्होंने कहा कि तेल कंपनियां डीलरों को विश्वास में लेकर पारदर्शी तरीके से काम नहीं कर रहीं, जिससे संवादहीनता बढ़ी है। डीलरों ने कहा कि ईंधन की कीमतें बढ़ रही हैं, लेकिन कमीशन नहीं बढ़ाया जा रहा। शहरों की तुलना में ग्रामीण क्षेत्रों में सप्लाई की स्थिति अधिक खराब है। कई बार पंप ड्राई हो जाते हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी होती है। एसोसिएशन के प्रमोद कुमार ने बताया कि प्लास्टिक बोतल और गैलन में ईंधन देने पर प्रतिबंध है। केवल PESO अप्रूव्ड जेरिकेन में ही ईंधन दिया जा सकता है, लेकिन इसकी उपलब्धता कम है। इससे ग्राहकों से विवाद की स्थिति बन रही है। जिले के करीब 250 पेट्रोल पंप इस समस्या से प्रभावित हैं।

