डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान 70 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। महिला चिकित्सक डॉ. पिंकी कुमारी ने शिविर में महिलाओं को चिकित्सीय परामर्श और सुरक्षित गर्भावस्था के लिए आवश्यक सुझाव दिए। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान खून की कमी एक गंभीर समस्या है। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम से कम पाया जाता है, उनके लिए अस्पताल में विशेष आयरन इंजेक्शन की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत लगभग दो से ढाई हजार रुपये तक होती है, लेकिन सरकारी अस्पताल में इसे पूरी तरह निःशुल्क दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। डॉ. संजीव कुमार ने जानकारी दी कि सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 9, 15 और 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जाती है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करना भी इसका लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाकर उनकी जांच सुनिश्चित करें। इससे महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकेगा और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। डॉ. संजीव कुमार ने गर्भवती महिलाओं से नियमित जांच कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में जांच से लेकर सुरक्षित प्रसव तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और यहां महिला चिकित्सकों की भी तैनाती है। उन्होंने लोगों से झोलाछाप चिकित्सकों और अनधिकृत निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर भरोसा करने की सलाह दी।
डेहरी अस्पताल में निःशुल्क मिल रहे महंगे आयरन इंजेक्शन:प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 70 महिलाओं की जांच
डेहरी अनुमंडलीय अस्पताल में सोमवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत एक विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान 70 गर्भवती महिलाओं की जांच की गई। महिला चिकित्सक डॉ. पिंकी कुमारी ने शिविर में महिलाओं को चिकित्सीय परामर्श और सुरक्षित गर्भावस्था के लिए आवश्यक सुझाव दिए। अनुमंडलीय अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि गर्भावस्था के दौरान खून की कमी एक गंभीर समस्या है। जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन स्तर 7 ग्राम से कम पाया जाता है, उनके लिए अस्पताल में विशेष आयरन इंजेक्शन की सुविधा निःशुल्क उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने बताया कि बाजार में इस इंजेक्शन की कीमत लगभग दो से ढाई हजार रुपये तक होती है, लेकिन सरकारी अस्पताल में इसे पूरी तरह निःशुल्क दिया जा रहा है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है। डॉ. संजीव कुमार ने जानकारी दी कि सरकार के निर्देशानुसार प्रत्येक माह की 9, 15 और 21 तारीख को गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच की जाती है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर में कमी लाना है। साथ ही, गर्भवती महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराकर प्रसव के दौरान होने वाली जटिलताओं को कम करना भी इसका लक्ष्य है। उन्होंने यह भी बताया कि सभी आशा कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक लाकर उनकी जांच सुनिश्चित करें। इससे महिलाओं की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का समय रहते पता लगाया जा सकेगा और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। डॉ. संजीव कुमार ने गर्भवती महिलाओं से नियमित जांच कराने की अपील की। उन्होंने बताया कि अनुमंडलीय अस्पताल में जांच से लेकर सुरक्षित प्रसव तक की सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं और यहां महिला चिकित्सकों की भी तैनाती है। उन्होंने लोगों से झोलाछाप चिकित्सकों और अनधिकृत निजी अस्पतालों के बजाय सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों पर भरोसा करने की सलाह दी।
