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बिहार शहरी आयोजना एवं विकास नियमावली, 2014 के तहत अगले 20 वर्षों से अधिक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दरभंगा नगर निगम और आसपास के क्षेत्रों के संतुलित एवं सुनियोजित विकास के लिए GIS आधारित मास्टर प्लान तैयार किया जा रहा है। साल 2019 में दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र की अधिसूचना जारी की गई थी और मास्टर प्लान तैयार करने की जिम्मेदारी Techmech International Pvt. Ltd. को दी गई है। दरअसल, शनिवार को आयुक्त कार्यालय सभागार में जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम यानी GIS बेस्ड मास्टर प्लान (स्टेज-V) के ड्राफ्ट पर समीक्षा एवं सुझाव बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने सड़क, परिवहन, औद्योगिक विकास, सैटेलाइट टाउनशिप, जलनिकासी, हरित क्षेत्र और रोजगार सृजन समेत विभिन्न विषयों पर सुझाव दिए। दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र के लिए तैयार किए जा रहे GIS आधारित मास्टर प्लान (स्टेज-V) के ड्राफ्ट पर आयुक्त सह दरभंगा जिला आयोजना क्षेत्र प्राधिकार के अध्यक्ष हिमांशु कुमार राय की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक हुई। लगभग 17,400 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी मिथिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप हिमांशु कुमार राय ने बताया कि जिला आयोजना क्षेत्र का कुल क्षेत्रफल 191.11 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें पांच प्रखंड- दरभंगा सदर, केवटी, बहादुरपुर, हनुमाननगर और हायाघाट के 186 राजस्व ग्राम शामिल हैं। कुल आबादी 6.13 लाख है, जिसमें शहरी आबादी 2.66 लाख है। बैठक में जानकारी दी गई कि प्रस्तावित मिथिला ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप लगभग 17,400 एकड़ क्षेत्र में विकसित की जाएगी, जिसमें 102 राजस्व गांव शामिल होंगे। इसका कोर एरिया करीब 1,600 एकड़ निर्धारित किया गया है। आयुक्त हिमांशु कुमार राय ने कहा कि दरभंगा ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर है। एयरपोर्ट विस्तार के बाद यहां व्यापार, उद्योग और शहरी विकास की नई संभावनाएं बढ़ी हैं। ऐसे में सड़क, सार्वजनिक परिवहन, जलापूर्ति, सीवरेज, आवास, हरित क्षेत्र और औद्योगिक विकास जैसी आधारभूत सुविधाओं को मास्टर प्लान में प्राथमिकता दी जानी चाहिए। बैठक में उपमहापौर नाजिया हसन ने नगर निगम क्षेत्र के विस्तार का सुझाव दिया, जबकि महापौर अंजुम आरा ने नगर निगम क्षेत्र में होने वाली परियोजनाओं की जानकारी जनप्रतिनिधियों को देने की मांग की। विधायक डॉ. मुरारी मोहन झा ने आयोजना क्षेत्र के विस्तार, जबकि विधायक राजेश कुमार मंडल ने बेहतर सड़क और यातायात व्यवस्था पर जोर दिया। सांसद डॉ. गोपाल जी ठाकुर ने GIS आधारित मास्टर प्लान को दरभंगा के भविष्य की आधारशिला बताते हुए इसे राष्ट्रीय परियोजनाओं के अनुरूप तैयार करने की आवश्यकता जताई। उन्होंने दरभंगा को उत्तर बिहार का हेल्थ, एजुकेशन, एविएशन, निवेश, व्यापार और पर्यटन हब बनाने की वकालत की। साथ ही मेडिकल सिटी, आईटी एवं स्टार्टअप कॉरिडोर, मखाना प्रोसेसिंग एवं एक्सपोर्ट हब, मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब, हेरिटेज एवं टूरिज्म सर्किट, सैटेलाइट टाउनशिप, रिंग रोड, स्पोर्ट्स सिटी और वैज्ञानिक बाढ़ प्रबंधन जैसी परियोजनाओं को मास्टर प्लान में शामिल करने का सुझाव दिया। बैठक में विभिन्न विभागों और संबंधित पक्षों से प्राप्त सुझावों के आधार पर GIS आधारित ड्राफ्ट मास्टर प्लान को और अधिक व्यवहारिक, समावेशी तथा भविष्य उन्मुख बनाने पर सहमति बनी। बैठक का समापन नगर आयुक्त राकेश कुमार गुप्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।


