किशनगंज में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर स्थानीय महिला थाना में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए पश्चिम बंगाल के चाकुलिया थाना भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पश्चिम बंगाल के चाकुलिया थाना क्षेत्र के गोदा शिमुल गांव निवासी जसमीन आरा की शादी पांच वर्ष पूर्व किशनगंज के देवला तौहीद नगर निवासी अख्तर आलम (पिता- अबू ताहिर) के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के समय मायके पक्ष ने अपनी क्षमता से अधिक उपहार दिए थे, लेकिन विवाह के कुछ दिनों बाद ही पति और ससुराल पक्ष के लोग डेढ़ लाख रुपये दहेज की मांग करने लगे। दहेज ने मिलने पर किया गया प्रताड़ित पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि मायके की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह रुपये की व्यवस्था नहीं कर सकी। इसके बाद उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इस दौरान वह दो बच्चों की मां भी बनी, लेकिन कथित तौर पर दहेज की मांग और उत्पीड़न का सिलसिला जारी रहा। रुपए नहीं लाने पर दूसरी शादी की दी धमकी जसमीन आरा का आरोप है कि गत 19 मई को ससुराल वालों ने एक बार फिर रुपये की मांग करते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई की। पति अख्तर आलम ने रुपए नहीं लाने पर दूसरी शादी करने की धमकी भी दी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और गला दबाने का प्रयास किया गया, हालांकि वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही। पीड़िता के अनुसार, इस घटना के बाद उसके जेवरात छीन लिए गए और बच्चों के साथ उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने मायके पहुंची और वहां शरण ली। महिला थाना में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।
दहेज न देने पर पत्नी को घर से निकाला:किशनगंज में पति ने दी दूसरी शादी करने की धमकी, शारीरिक-मानसिक रूप से करता था प्रताड़ित
किशनगंज में दहेज की मांग पूरी न होने पर एक विवाहिता को प्रताड़ित कर घर से निकालने का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर स्थानीय महिला थाना में जीरो एफआईआर दर्ज की गई है, जिसे आगे की कार्रवाई के लिए पश्चिम बंगाल के चाकुलिया थाना भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पश्चिम बंगाल के चाकुलिया थाना क्षेत्र के गोदा शिमुल गांव निवासी जसमीन आरा की शादी पांच वर्ष पूर्व किशनगंज के देवला तौहीद नगर निवासी अख्तर आलम (पिता- अबू ताहिर) के साथ हुई थी। आरोप है कि शादी के समय मायके पक्ष ने अपनी क्षमता से अधिक उपहार दिए थे, लेकिन विवाह के कुछ दिनों बाद ही पति और ससुराल पक्ष के लोग डेढ़ लाख रुपये दहेज की मांग करने लगे। दहेज ने मिलने पर किया गया प्रताड़ित पीड़िता ने शिकायत में बताया है कि मायके की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वह रुपये की व्यवस्था नहीं कर सकी। इसके बाद उसे लगातार शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। इस दौरान वह दो बच्चों की मां भी बनी, लेकिन कथित तौर पर दहेज की मांग और उत्पीड़न का सिलसिला जारी रहा। रुपए नहीं लाने पर दूसरी शादी की दी धमकी जसमीन आरा का आरोप है कि गत 19 मई को ससुराल वालों ने एक बार फिर रुपये की मांग करते हुए उसकी बेरहमी से पिटाई की। पति अख्तर आलम ने रुपए नहीं लाने पर दूसरी शादी करने की धमकी भी दी। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और गला दबाने का प्रयास किया गया, हालांकि वह किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रही। पीड़िता के अनुसार, इस घटना के बाद उसके जेवरात छीन लिए गए और बच्चों के साथ उसे घर से बाहर निकाल दिया गया। इसके बाद वह अपने मायके पहुंची और वहां शरण ली। महिला थाना में दर्ज शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है।

