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रांची|महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के केंद्रीय दत्तक ग्रहण प्राधिकरण (सीएआरए) ने झारखंड सरकार के सहयोग से रांची में पांचवीं पूर्वी क्षेत्रीय परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया। “विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के गैर-संस्थागत पुनर्वास” विषय पर आधारित इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य दिव्यांग बच्चों को सुरक्षित और स्नेहपूर्ण परिवार उपलब्ध कराना था। इसमें पांच राज्यों के लगभग 115 जिलों से 175 से अधिक हितधारकों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में सीएआरए की सीईओ भावना सक्सेना और सचिव उमाशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला के दौरान स्वास्थ्य और बाल संरक्षण प्रणालियों के बीच समन्वय मजबूत करने तथा चिकित्सकीय व कानूनी चुनौतियों को दूर करने पर मंथन किया गया। वक्ताओं ने जोर दिया कि दिव्यांग बच्चों को केवल संस्थागत देखभाल नहीं, बल्कि एक स्थायी परिवार मिलना चाहिए।
दिव्यांग व खास बच्चों को सुरक्षित स्नेहपूर्ण परिवार दिलाने पर मंथन
