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सरायकेला टाउन हॉल में मंगलवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा पद्म भूषण दिशोम गुरु स्व. शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। टाउन हॉल में भारत माता की आकृति व झामुमो के चुनाव चिह्न तीर-धनुष को दीपों की श्रृंखला से उकेरा गया। यह आकर्षण का केंद्र रहा। कार्यक्रम में खरसावां विधायक, ईचागढ़ विधायक सविता महतो, झामुमो के केंद्रीय सदस्य गणेश महाली, केंद्रीय सदस्य गणेश चौधरी, केंद्रीय सदस्य कृष्णा बास्के, झामुमो नेता के. पी. सोरेन, जिला अध्यक्ष शिवेंदु महतो सहित जिला कमेटी के सभी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। सभी नेताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान झारखंड मुक्ति मोर्चा के संघर्ष, अलग झारखंड राज्य के निर्माण में दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान तथा उनके राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन पर आधारित एक वृत्तचित्र का प्रदर्शन किया गया। वृत्तचित्र के माध्यम से कार्यकर्ताओं को उनके संघर्षपूर्ण जीवन, जल-जंगल-जमीन की रक्षा के आंदोलन, अलग झारखंड राज्य के निर्माण में उनकी ऐतिहासिक भूमिका से अवगत कराया गया। झामुमो के केंद्रीय सदस्य गणेश महाली ने कहा कि दिशोम गुरु ने अपना संपूर्ण जीवन गरीब, आदिवासी, मूलवासी, वंचित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए समर्पित किया। उनके बताए मार्ग पर चलकर ही झारखंड के समग्र विकास का सपना साकार किया जा सकता है। झामुमो नेता के. पी. सोरेन ने कहा कि कार्यकर्ताओं को दिशोम गुरु के विचारों और आदर्शों को आत्मसात करते हुए गांव-गांव तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने के लिए पूरी निष्ठा के साथ कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु के सपनों का झारखंड तभी साकार होगा, जब संगठन का प्रत्येक कार्यकर्ता जनता के सुख-दुख में सहभागी बने।

