झारखंड हाईकोर्ट रविवार को दुर्गापूजा का अवकाश होने के बावजूद खुला। स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के बोकारो स्टील प्लांट के सभी 11 गेट बंद कर कर्मचारियों और जरूरी आपूर्ति की आवाजाही बाधित करने के मामले में अदालत ने सुनवाई की। जस्टिस सुजीत नारायण प्रसाद की अदालत ने दोपहर 2:15 बजे सेल की तत्काल याचिका पर सुनवाई करते हुए सख्त रुख अपनाया। अदालत ने बोकारो के डीसी अजय नाथ झा और एसपी नाथू सिंह मीणा से जवाब मांगा। सुनवाई के दौरान डीसी ने ऑनलाइन माध्यम से अदालत को बताया कि प्लांट के सभी गेट खोल दिए गए हैं और उन्हें दोबारा बंद नहीं होने दिया जाएगा। अदालत ने डीसी और एसपी को अपने बयानों के संबंध में शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया। डीसी ने आश्वासन दिया कि कर्मचारियों के ड्यूटी पर आने तथा शिफ्ट खत्म होने के बाद लौटने के दौरान आवाजाही बाधित नहीं होगी। कंपनी के अधिवक्ता ने भी जानकारी लेने के बाद मुख्य गेट संख्या-1 समेत सभी 11 गेट खुलने की पुष्टि की। इससे पहले अदालत ने पूछा कि क्या आंदोलनकारियों के कारण प्रशासन को स्थिति संभालने में कठिनाई हो रही है। शेष पेज 9 पर बीएसएल के गेट के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा बोकारो | विस्थापित अप्रेंटिस संघ द्वारा बीएसएल के सभी गेट जाम करने के बाद प्रशासन ने सख्ती बरती। चास एसडीएम प्रांजल ढांडा ने बीएसएल मुख्य द्वार के 200 मीटर के दायरे में धारा 163(1) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी। यह आदेश रविवार सुबह 5 बजे से अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा। इसके बाद गेट पर पुलिस तैनात की गई और कर्मचारियों का आवागमन सामान्य हुआ। इधर, संघ के सदस्य टू टैंक गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, जबकि समर्थक नारेबाजी कर रहे हैं। प्लांट की बंद यूनिटें चालू होने में 4-5 दिन लगने का अनुमान है।
