![]()
भास्कर एक्सक्लूिसव कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान हुई घटना के बाद बोकारो शहर के प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा का जायजा लिया गया। दुर्गापूजा को लेकर शहर में उत्साह चरम पर है। मां दुर्गा के दर्शन के लिए सुबह से देर शाम तक पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। वहीं, मीना बाजार और सड़कों पर भी लोगों की भारी भीड़ देखी जा रही है। ऐसे में पूजा पंडालों में प्रवेश और निकास की व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा सुरक्षा इंतजामों का महत्व बढ़ गया है। दैनिक भास्कर की टीम ने शहर के चार प्रमुख पूजा पंडालों सेक्टर-2सी, सेक्टर-12ए, सेक्टर-9 वैशाली मोड़ और सेक्टर-9 आलोक मैदान का जायजा लिया। इस दौरान पाया गया कि अधिकांश स्थानों पर सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी कैमरे, पुलिस बल, दंडाधिकारी और स्वयंसेवकों की तैनाती की गई है। हालांकि, कुछ पंडालों में सीमित जगह के बीच भव्य पंडाल और मीना बाजार लगाए जाने से श्रद्धालुओं की आवाजाही प्रभावित होने और निकासी के दौरान परेशानी की आशंका भी नजर आई। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए शहर के छोटे-बड़े पूजा पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। बड़े पूजा पंडालों और अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पूजा समितियों के साथ जिला प्रशासन की ओर से भी निगरानी की व्यवस्था की गई है। शहर के चार प्रमुख पूजा पंडालों में सुरक्षा के मद्देनजर करीब 25 से 30 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा जिला प्रशासन की ओर से दंडाधिकारी और पुलिस बल की तैनाती की गई है। पूजा समितियों के स्वयंसेवक भी व्यवस्था संभालने में जुटे हैं। किसी प्रकार की अप्रिय घटना या आपात स्थिति उत्पन्न होने पर पुलिस, प्रशासन और स्वयंसेवकों के बीच समन्वय से मदद पहुंचाने में सहूलियत हो सकती है। इसके अलावा पूजा पंडालों में अग्नि सुरक्षा को लेकर भी उपकरण तैयार रखे गए हैं। भीड़भाड़ वाले आयोजनों में बिजली के उपकरणों, सजावट और अस्थायी दुकानों के कारण अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत होती है। ऐसे में अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता के साथ उनका उपयोग करने के लिए जिम्मेदार लोगों की जानकारी भी महत्वपूर्ण है। पंडाल के बाहर लगी भीड़ व पंडाल के द्वार पर वॉलंटियर। सीमित जगह और निकासी द्वार के पास ही कई दुकानें सेक्टर-2सी और सेक्टर-12ए में पूजा आयोजन के लिए उपलब्ध मैदान अपेक्षाकृत छोटा है। यहां मीना बाजार भी लगाया गया है। पंडाल के आसपास ही दुकानें होने के कारण श्रद्धालुओं की आवाजाही के लिए उपलब्ध जगह सीमित हो जाती है। सेक्टर-2सी पूजा पंडाल में महिला श्रद्धालुओं के निकासी द्वार के पास ड्रैगन झूला लगाया गया है। वहीं, मुख्य प्रवेश द्वार के आसपास दुकानें भी लगी हुई हैं। ऐसे में प्रवेश और निकासी के रास्तों पर भीड़ बढ़ने से श्रद्धालुओं को परेशानी हो सकती है। वहीं, सेक्टर-12ए में भी छोटे मैदान के भीतर पूजा पंडाल और मीना बाजार की व्यवस्था की गई है। पंडाल के पास दुकानें लगने से भीड़ के दबाव में आवाजाही प्रभावित हो सकती है। सेक्टर-9 स्थित आलोक मैदान के पूजा पंडाल में श्रद्धालुओं के प्रवेश और निकासी के लिए बेहतर रास्ते बनाए गए हैं। यहां भव्य पंडाल के साथ दुकानों और मीना बाजार को पंडाल से दूर रखा गया है। बड़े पंडालों में 25 से 30 सीसीटीवी लगे
पंडालों में उमड़ रही भीड़, कहीं सुरक्षा के इंतजाम कम, कहीं गेट पर दुकानें
