धनबाद मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी जीतन रजवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 27 वर्षीय जीतन गोविंदपुर थाना क्षेत्र के संग्रामडीह का निवासी था और अपनी पत्नी संजोती देवी की हत्या के आरोप में 16 मई से जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार, जेल भेजे जाने के दिन ही जीतन की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे इलाज के लिए धनबाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था। सोमवार देर रात जीतन रजवार की तबीयत अचानक फिर खराब हो गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की निगरानी के लिए रविन्द्र नाथ ठाकुर को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की देखरेख में कराया जाएगा। मजिस्ट्रेट रविन्द्र नाथ ठाकुर और धनबाद थाना के एसआई जेएल शर्मा ने बताया कि मृतक पहले से किसी बीमारी से ग्रसित था। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि 16 मई को जीतन रजवार की पत्नी संजोती देवी का शव घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। संजोती के पिता नरेश रजवार के बयान पर गोविंदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने जीतन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मृतक दंपति का एक चार साल का बेटा भी है।
धनबाद जेल में विचाराधीन कैदी की मौत:पत्नी की हत्या के आरोप में था बंद, पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की निगरानी के लिए मजिस्ट्रेट नियुक्त
धनबाद मंडल कारा में बंद एक विचाराधीन कैदी जीतन रजवार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 27 वर्षीय जीतन गोविंदपुर थाना क्षेत्र के संग्रामडीह का निवासी था और अपनी पत्नी संजोती देवी की हत्या के आरोप में 16 मई से जेल में बंद था। जानकारी के अनुसार, जेल भेजे जाने के दिन ही जीतन की तबीयत बिगड़ गई थी। उसे इलाज के लिए धनबाद सदर अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वापस जेल भेज दिया गया था। सोमवार देर रात जीतन रजवार की तबीयत अचानक फिर खराब हो गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। जेल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन के निर्देश पर पोस्टमॉर्टम प्रक्रिया की निगरानी के लिए रविन्द्र नाथ ठाकुर को मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड की देखरेख में कराया जाएगा। मजिस्ट्रेट रविन्द्र नाथ ठाकुर और धनबाद थाना के एसआई जेएल शर्मा ने बताया कि मृतक पहले से किसी बीमारी से ग्रसित था। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। गौरतलब है कि 16 मई को जीतन रजवार की पत्नी संजोती देवी का शव घर में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। संजोती के पिता नरेश रजवार के बयान पर गोविंदपुर थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जिसके बाद पुलिस ने जीतन को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मृतक दंपति का एक चार साल का बेटा भी है।

