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धनबाद में मेयर समर्थक की गोली मारकर हत्या:घर में घुसकर की 3 फायरिंग, दो छाती में और एक सिर में लगी


धनबाद जिले के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में जनता श्रमिक संघ के केंद्रीय संगठन सचिव और मेयर संजीव सिंह के समर्थक शुभम यादव (28) की घर में घुसकर गोली मार हत्या कर दी। घटना सोनारडीह ओपी से महज 300 मीटर की दूरी पर एनएच-32 किनारे स्थित उनके आवास में हुई। बताया जाता है कि उस समय शुभम अपनी दादी के साथ घर पर थे। तभी दो अज्ञात हमलावर अचानक घर में घुसे और ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। शुभम को तीन गोलियां लगीं। जिसमें दो छाती में और एक सिर में। घटना के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जिससे पूरे इलाके में दहशत फैल गई। इलाज के दौरान तोड़ा दम, अस्पताल में जुटी भीड़ गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। गंभीर रूप से घायल शुभम को आनन-फानन में कतरास और फिर निचितपुर के एक निजी अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें धनबाद के असर्फी अस्पताल रेफर कर दिया। जहां देर रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल परिसर में समर्थकों, स्थानीय लोगों और जनता श्रमिक संघ के नेताओं की भारी भीड़ जुट गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस लाइन से अतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने की जांच तेज, पांच खोखे बरामद घटनास्थल से पुलिस ने पांच खोखे बरामद किए हैं। धनबाद थाना प्रभारी मनोज कुमार पांडेय समेत पुलिस के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी ने बताया कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। घटना से पहले सोनारडीह पुलिस द्वारा इलाके में वाहन चेकिंग अभियान भी चलाया जा रहा था, बावजूद इसके अपराधी वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, जिससे पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मेयर बोले- थाने के इतने करीब हुई घटना घटना की जानकारी मिलते ही धनबाद के मेयर संजीव सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को सुरक्षा देने की मांग की। उन्होंने कहा कि थाना के इतने करीब इस तरह की घटना कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती है। वहीं पुलिस ने बताया कि शुभम यादव के खिलाफ कतरास थाना में आधा दर्जन से अधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2021 के चर्चित नीरज तिवारी हत्याकांड में भी उसका नाम सामने आया था। वह जुलाई 2023 में जमानत पर जेल से बाहर आया था। पुलिस उसके आपराधिक इतिहास को भी जांच का हिस्सा बना रही है।

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