Thursday, June 11, 2026

Breaking
News

🕒

Latest
Updates

🔔

Stay
Informed

Top 5 This Week

Related Posts

नचनी नृत्य के लिए बुटन और सोमबारी देवी, छऊ मुखौटा मेकिंग में सुशांत महापात्र को मिलेगा संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार


झारखंड के तीन प्रतिष्ठित लोक कलाकारों- डांसर बुटन देवी, सोमबारी देवी और सरायकेला छऊ मुखौटा शिल्पकार सुशांत कुमार महापात्र को देश के सर्वोच्च प्रदर्शन कला सम्मान ‘संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा। यह प्रतिष्ठित सम्मान भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किया जाएगा। पहली बार झारखंड में जॉइंट अवॉर्ड बुटन व सोमबारी देवी को एक साथ दिया जा रहा है। दोनों बुंडू की रहने वाली हैं। यह पुरस्कार इन दोनों को 2024 के लिए व सुशांत कुमार महापात्र को 2025 के लिए दिया जाएगा। सुशांत सरायकेला में रहते हैं। इसके साथ चंदनक्यारी की बबीता हेंब्रम व सरायकेला के कुना सामल को उस्ताद बिस्मिल्लाह खान युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। बबीता को ट्राइबल डांस व कुना को सरायकेला छऊ के लिए यह पुरस्कार मिलेगा। 60 वर्षों से छऊ का मुखौटा बना रहे हैं सुशांत सरायकेला के प्रख्यात छऊ मुखौटा शिल्पकार सुशांत कुमार महापात्र ने छह दशक से अधिक समय तक सरायकेला छऊ की पारंपरिक मुखौटा कला, वेशभूषा और शृंगार परंपरा के संरक्षण एवं विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनकी शिल्प साधना ने सरायकेला छऊ को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है। बुटन देवी और सोमबारी देवी ने अपना संपूर्ण जीवन झारखंड की पारंपरिक नचनी नृत्य परंपरा के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित किया है। सामाजिक उपेक्षा और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने लोक संस्कृति की इस अनमोल धरोहर को जीवित रखा और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का कार्य किया। यह जनजातीय संस्कृति का सम्मान सुशांत महापात्र नचनी नृत्य परंपरा के आखिरी स्तंभ हैं बुटन व सोमबारी देवी सोमबारी देवी बुटन देवी बबीता हेंब्रम कुना सामल

Spread the love

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles