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नवादा के नगर थाना क्षेत्र स्थित धरना स्थल पर शनिवार को केंद्रीय रेलवे रेल यात्री संघ की नवादा शाखा ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। यह धरना 10 सूत्री मांगों को लेकर आयोजित किया गया था, जिसमें मुख्य रूप से तीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) के निर्माण की मांग शामिल थी। संघ के अध्यक्ष संजय सिंह और उपाध्यक्ष उमाशंकर रजक सहित बड़ी संख्या में लोग इस प्रदर्शन में शामिल हुए। कांग्रेस पार्टी ने भी इस कार्यक्रम को समर्थन दिया, जिसमें कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रभाकर झा और फक्कन चौधरी जैसे कई नेता उपस्थित रहे। इलाकों में अक्सर लग जाता है भीषण जाम धरना के दौरान नवादा में तीन प्रमुख स्थानों पर आरओबी निर्माण की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इनमें बस स्टैंड से इंदिरा चौक रेलवे ओवरब्रिज, गुमटी नंबर-2 पर ओवरब्रिज और नवादा-बुंदेलखंड के समीप रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण शामिल है। संघ का कहना है कि रेलवे फाटक बंद होने के कारण इन इलाकों में अक्सर भीषण जाम लग जाता है। इस जाम के कारण आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों, शिक्षकों, कर्मचारियों, मरीजों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। समाधान के लिए ठोस पहल करने की अपील प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई बार एंबुलेंस और दमकल जैसे आपातकालीन वाहन भी जाम में फंस जाते हैं, जिससे गंभीर परिस्थितियों में लोगों की जान को खतरा हो सकता है। लोगों ने नवादा के सांसद और सभी विधायकों की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं को सदन और सरकार तक पहुंचाकर उनके समाधान के लिए ठोस पहल करनी चाहिए। धरनार्थियों ने एक अन्य मुद्दे पर भी प्रकाश डाला, जिसमें भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा स्कूल निर्माण का उद्घाटन किए जाने के बावजूद अब तक कार्य पूरा न होने से लोगों को परेशानी हो रही है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने पटना से लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर तक आंदोलन करने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने इसे “करो या मरो” का आंदोलन बताते हुए मांगें पूरी न होने पर आत्मदाह तक की चेतावनी दी।
नवादा में रेलवे ओवरब्रिज की मांग को लेकर धरना:10 मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
