Thursday, September 3, 2026

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नाम रिवर व्यू, लेकिन पार्क का बड़ा हिस्सा नदी के भीतर


लगातार बारिश के बाद उफान पर आई खरकई नदी का जलस्तर बुधवार को धीरे-धीरे नीचे उतरता गया। हालांकि सुबह स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई थी। जिला प्रशासन की ओर से सुबह करीब 8 बजे जारी आंकड़ों के अनुसार खरकई नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग 3.50 मीटर ऊपर था। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार ने बताया कि नदी का जलस्तर डाउनफॉल में है। सुबह के बाद बारिश थमने और जलस्तर में लगातार गिरावट आने से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि नदी अभी भी खतरे के निशान से ऊपर है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत बनी हुई है। इधर, गाजिया बराज के 15 गेट बुधवार को भी खुले रहे। वहीं, ओडिशा के खरकाई डैम और बैंकवाल डैम का जलस्तर भी डेंजर लेवल के आसपास बना हुआ है। दोनों डैम में एक-एक गेट खोला गया है। इन जलाशयों से पानी छोड़े जाने के कारण खरकाई नदी के जलस्तर पर भी नजर रखी जा रही है। जिला प्रशासन की टीम नदी और जलाशयों के जलस्तर की लगातार निगरानी कर रही है। पिछले दिनों जिले में हुई भारी बारिश के कारण कई निचले इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बने थे। ऐसे में जलस्तर में गिरावट राहत जरूर दे रही है, लेकिन खतरा पूरी तरह टला नहीं है। खरकई नदी का जलस्तर बढ़ते ही करोड़ों रुपए की लागत से तैयार रिवर व्यू पार्क एक बार फिर पानी में डूब गया। नाम भले ही ‘रिवर व्यू पार्क’ है, लेकिन सवाल यह है कि क्या नदी के इतने करीब, बल्कि उसके बहाव क्षेत्र में ही पार्क का बड़ा हिस्सा बनाना उचित था? स्थानीय स्तर पर इसे नदी के अतिक्रमण और प्राकृतिक बहाव से छेड़छाड़ के तौर पर भी देखा जा रहा है।जुडको द्वारा तैयार इस पार्क का अधिकांश हिस्सा नदी के भीतर होने के कारण सामान्य दिनों में भले ही आकर्षण का केंद्र नजर आता हो, लेकिन जलस्तर बढ़ते ही इसकी पूरी तस्वीर बदल जाती है। इस साल यह पार्क दूसरी बार जलमग्न हुआ है। इससे निर्माण की गुणवत्ता के साथ-साथ स्थल चयन पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

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