नेमरा में भीड़ नियंत्रित करने के लिए जिला पुलिस-प्रशासन ने चाक-चौबंद तैयारी की थी। जगह-जगह पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई थी। वाहनों को तीन किलोमीटर पीछे ही रोक दिया गया था। लोगों को यहां से नेमरा तक ले जाने के लिए टोटो और वाहनों की व्यवस्था थी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। अंतिम संस्कार के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वहां मौजूद लोगों का हाथ जोड़कर आभार जताया। अंतिम संस्कार में राज्य सरकार के कई मंत्री, प्रशासनिक पदाधिकारी, पूर्व मुख्यमंत्री, सांसद और विधायक मौजूद रहे। मौके पर मुख्य सचिव अविनाश कुमार, डीजीपी तदाशा मिश्रा, मंत्री चमरा लिंडा, योगेंद्र महतो, एडीजे एमएस भाटिया, मनोज कौशिक, रामगढ़ डीसी ऋतुराज, रांची डीसी मंजूनाथ भजंत्री, धनबाद एएसपी प्रभात कुमार, रामगढ़ एसपी मुकेश कुमार लूनायत, गिरिडीह एसपी विमल कुमार, विधायक ममता देवी, श्वेता सिंह, अनूप सिंह, उमाकांत रजक, पिछड़ा आयोग के चेयरमैन जानकी यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, पूर्व राज्यसभा सदस्य धीरज साहू, शहजादा अनवर, तिवारी महतो, कुमार महेश सिंह, भागू बेसरा, संजीव बेदिया, हेमलाल मुर्मू, जयप्रकाश भाई पटेल, शालिनी गुप्ता, अमरलाल महतो, चतुर्भुज कश्यप सहित कई विभागों के सचिव और कई जिलों के डीसी, एसपी मौजूद थे।
