Monday, July 20, 2026

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पटना का पहला इंटरनेशनल हॉकी ग्राउंड अगस्त में खुलेगा:नीदरलैंड से मंगाई पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगी, पेरिस ओलिंपिक 2024 में किया गया था इस्तेमाल


पटना के पहले इंटरनेशनल हॉकी ग्राउंड की सौगात अगस्त महीने में मिल जाएगी। इसमें नीदरलैंड से मंगाई जा रही पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ लगाई जा रही है। पॉलीटेन ब्लू एस्ट्रोटर्फ अंतरराष्ट्रीय स्तर की सबसे लेटेस्ट टर्फ है। इसके बाद पाथ-वे बनाने और स्प्रिंकलर लगाने का काम शुरू होगा। राजेंद्रनगर स्थित फिजिकल कॉलेज के पीछे बन रहा ये हॉकी एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड 8.44 करोड़ की लागत से तैयार किया जा रहा है। 29 अगस्त को खेल दिवस पर इसका उद्घाटन होने की संभावना है। बिहार शहरी आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड (बुडको) द्वारा इसका निर्माण कार्य किया जा रहा है। पेरिस ओलिंपिक 2024 में इस्तेमाल किया गया ऐसा एस्ट्रोटर्फ ऐसे ही एस्ट्रोटर्फ का इस्तेमाल पेरिस ओलिंपिक 2024 में किया गया था। यह खेल की रफ्तार बढ़ाने के साथ खिलाड़ियों के चोटिल होने के खतरे को कम करती है। बीच में इस एस्ट्रोटर्फ का काम रुक गया था। इंटरनेशनल हॉकी फेडरेशन की अधिकृत जांच एजेंसी ने जांच के बाद अपनी फाइनल रिपोर्ट में इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के बिल्कुल अनुरूप पाया है। इस ग्रीन सिग्नल के बाद इसी हफ्ते से मैदान पर फाइनल टर्फ बिछाने का काम शुरू हो गया है। बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के लिए बनेगी डोरमेट्री राजगीर के बाद अब राजधानी के हॉकी ग्राउंड में भी एस्ट्रोटर्फ लगाया जाएगा। यह बिहार का दूसरा इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का मैदान होगा। ग्राउंड तैयार होने के तुरंत बाद दूसरे फेज का काम शुरू होगा। 1,000 दर्शकों के लिए परमानेंट और आवश्यकता पड़ने पर 1,500 दर्शकों की अस्थायी गैलरी बनेगी। यहां बाहर से आने वाले खिलाड़ियों के रुकने के लिए अत्याधुनिक डोरमेट्री बनेगी। इस ग्राउंड के चालू होने से स्थानीय खिलाड़ियों को हर दिन अंतरराष्ट्रीय स्तर के मैदान पर नियमित अभ्यास का मौका मिलेगा और बिहार में नेशनल-इंटरनेशनल हॉकी चैंपियनशिप की मेजबानी का रास्ता साफ हो जाएगा। दलदली जमीन पर तैयार किया जा रहा अंतरराष्ट्रीय हॉकी ग्राउंड यहां पहले दलदली जमीन हुआ करती थी। जिस जगह इंटरनेशनल टर्फ बिछाने की तैयारी है, वहां कभी लगभग 2 मीटर तक पानी में डूबा दलदली क्षेत्र हुआ करता था। चारों ओर से लगातार पानी रिसाव, 3 मीटर तक ऊंची घास और दलदल की कई परतों के कारण यह मैदान वर्षों तक किसी भी खेल गतिविधि के योग्य नहीं था। मैदान को खेलने योग्य बनाने के लिए पटना मेट्रो से हजारों ट्रॉली विशेष मिट्टी मंगाई गई है। दलदली पॉकेट्स को हटाने के लिए मशीनों से खुदाई कर रबल भरकर मैदान को स्थिर किया गया। 2011 में रखी गई थी इस खेल स्टेडियम की आधारशिला इस खेल स्टेडियम की आधारशिला 2011 में रखी गई थी। 2011 के तत्कालीन मंत्री सुखदा पांडे ने शिक्षक दिवस के अवसर पर फिजिकल कॉलेज के पीछे हॉकी के एस्ट्रो टर्फ ग्राउंड के निर्माण का शिलान्यास किया था, जिसे 2013 तक बनकर तैयार होना था। मगर 15 वर्ष बाद भी पुरी तरह से तैयार नहीं हो पाया। पटना में एस्ट्रो टर्फ स्टेडियम का निर्माण कार्य को लेकर 30 अगस्त 2023 को कला, संस्कृति एवं युवा विभाग ने पत्र जारी कर इसका निर्माण कार्य बुडको को सौंपा।

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