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स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के तहत स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के लिए केंद्रीय टीम आज पटना आएगी। आज से फील्ड असेस्मेंट शुरू होगा जो कि 31 मई तक चलेगी। इसमें सिटिजन फीडबैक सबसे जरूरी प्रकिया है। केंद्रीय टीम पटना के नागरिकों से सफाई से संबंधित कुछ सवाल पूछेगी, जिसके जवाब के अनुसार ही पटना नगर निगम की रैंकिंग तय की जाएगी। इसे लेकर पटना नगर निगम ने तैयारियां पूरी कर ली हैं और नागरिकों से ज्यादा से ज्यादा भागीदारी की अपील की है। नागरिकों से पूछे जाने वाले संभावित सवाल सिटिजन फीडबैक पर मिलेंगे 1000 अंक इस साल रैंकिंग कुल 12500 अंकों के आधार पर तय होगी। इस सर्वे में 10 प्रमुख सेक्शन, 54 इंडिकेटर और 166 सब-इंडिकेटर शामिल हैं। इस बार सिटिजन फीडबैक की अहमियत बढ़ा दी गई है। पहले जहां 500 अंक निर्धारित थे, अब इसे बढ़ाकर 1000 अंक कर दिया गया है। नागरिकों से 12 सवालों के जरिए फीडबैक लिया जाएगा, जिससे शहर की वास्तविक सफाई व्यवस्था का आंकलन होगा। स्वच्छ सर्वेक्षण 2025-26 में अंक तीन हिस्सों में बांटे गए हैं। ओडीएफ और वाटर प्लस के लिए 1000 अंक, गार्बेज फ्री सिटी के लिए 1000 अंक और फील्ड असेस्मेंट के लिए 10500 अंक तय हैं। रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष नजर फील्ड असेसमेंट के दौरान रेड स्पॉट और येलो स्पॉट पर विशेष अंक कटते हैं। इसे देखते हुए पटना नगर निगम ने सख्ती बढ़ाई है। खुले में शौच करने, गंदगी फैलाने और पान-तंबाकू थूकने वालों पर 500 रुपए तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। ऐसे लोगों को ‘नगर शत्रु’ की श्रेणी में रखा गया है। आईसीसीसी और निगम की टीमें प्रमुख स्थानों पर लगातार निगरानी कर रही हैं। गलत जानकारी पर अंकों में होगी कटौती नगर निगम डेस्क असेस्मेंट में पहले ही सफल हो चुका है और दिए गए आंकड़ों के आधार पर फाइव स्टार के लिए क्वालिफाइ कर गया है। यदि नगर निगम की ओर से गलत या बढ़ा-चढ़ाकर जानकारी दी गई तो अंकों में कटौती की जाएगी। ‘स्वच्छता की नई पहल–बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ थीम इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण की थीम ‘स्वच्छता की नई पहल–बढ़ाएं हाथ, करें सफाई साथ’ रखी गई है। साल 2024-25 में पटना को 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 21वां स्थान मिला था। वहीं गार्बेज फ्री सिटी में तीन स्टार की रेटिंग प्राप्त हुई थी।


