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पटना में फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट बनाया जाता था और नौकरी के नाम पर लोगों को खाड़ी देशों में भेजा जाता था। गिरोह के सदस्य खुद ही फर्जी एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट, मेडिकल रिपोर्ट और इंटरव्यू लेटर तैयार करते थे। विदेश में नौकरी के नाम पर एक व्यक्ति से 3 लाख लिए जाते थे। अब तक गिरोह 500 से अधिक लोगों को विदेश भेज चुका है। पुलिस के अनुसार गिरोह ने अब तक करीब 10 करोड़ से अधिक की कमाई की है। मामले का खुलासा तब हुआ जब पुलिस वैशाली ट्रैवल्स कंसल्टेंसी सर्विस के कार्यालय में शनिवार को छापेमारी करने पहुंची। जहां से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 118 पासपोर्ट, 1.44 लाख रुपए भारतीय मुद्रा, दुबई करेंसी 2.10 दिरहम, ओमान के 7 रियाल और सऊदी अरब के 1000 रियाल भी बरामद किए गए हैं। 3 लैपटॉप और 5 मोबाइल जब्त किए हैं। गिरोह का संचालन एग्जिबिशन रोड स्थित चांदी व्यापार भवन की पांचवीं मंजिल पर हो रहा था। गांधी मैदान थानेदार अखिलेश मिश्रा ने छापेमारी और बरामदगी की पुष्टि की है। फिटर-इलेक्ट्रीशियन की नौकरी का देते थे लालच पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह के सदस्य खाड़ी देशों में फिटर, इलेक्ट्रीशियन समेत विभिन्न क्षेत्रों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार कराने के नाम पर अलग से रकम वसूली जाती थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह में कौन-कौन शामिल हैं। लोगों को कार्यालय तक कैसे बुलाया जाता था, फर्जी अनुभव प्रमाणपत्र और मेडिकल रिपोर्ट कहां तैयार होती थी और इन दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट और विदेश में नौकरी की प्रक्रिया कैसे पूरी कराई जाती थी। इनकी हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार आरोपितों में वैशाली जिले के महनार निवासी तनवीर आलम, जहानाबाद के मखदुमपुर निवासी शाहिद अनवर और पटना के गर्दनीबाग निवासी तौसीफ आलम शामिल हैं। गांधी मैदान पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
बरामद दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच हो रही गांधी मैदान थानेदार अखिलेश मिश्रा ने बताया कि पुलिस को इस संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर टीम ने ट्रैवल कंसल्टेंसी के कार्यालय में छापेमारी की। मामले की जांच जारी है। पुलिस बरामद दस्तावेजों और अन्य सामान की जांच कर रही है। साथ ही गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके लिंक की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पटना में ट्रैवल एजेंसी के ऑफिस से मिले 118 पासपोर्ट:विदेश में नौकरी के नाम पर लेते थे 3-3 लाख रुपए, भारतीय मुद्रा के साथ विदेशी करेंसी बरामद
