‘हम दोनों पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ महीने से लड़ाई-झगड़ा हो रहा था। मेरी पत्नी का व्यवहार पिछले 3 महीनों से कुछ अजीब था, वो मुझसे ठीक से बात तक नहीं करती थी। मैं पिछले 3 महीने से जब भी खाना खाता था, खाना का टेस्ट कुछ अजीब होता था। मैं कन्फर्म हूं कि मेरी पत्नी खाना में कुछ मिलाकर मुझे खिला रही थी, वो मुझे मारनाड़ा थी। मेरी पत्नी का किसी से अवैध संबंध था, वो मुझे क्यों मारना चाहती थी, ये मुझे नहीं पता। ये तो वहीं जानती होगी, अब वो इस दुनिया में नहीं है। अब इसकी जानकारी मुझे कौन देगा। बच्चे भी इतने बड़े नहीं थे कि उन्हें पता हो कि गलत और सही क्या है। अगर मेरे गैरमौजूदगी में कुछ गलत चल रहा था, तो मुझे कैसे पता चलता?’ दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एडमिट 35 साल के संजीत दास ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, संजीत दास ने मंगलवार की सुबह करीब 5 बजे लोहे के रॉड से हमला कर पहले अपने तीन बच्चों और पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद संजीत ने आत्महत्या की कोशिश की और लोहे के रॉड से अपने सिर पर भी हमला किया। मृतकों की पहचान संजीत की पत्नी 30 साल की फूल कुमारी दास, 7 साल के बेटे ह्रदय दास, 6 साल की बेटी संध्या दास और 5 साल के बेटे सोन दास के रूप में हुई है। घटना पतोर थाना क्षेत्र स्थित चंदनपट्टी गांव की है। संजीत दास ने अपनी पत्नी, 3 बच्चों की हत्या क्यों की? डीएमसीएच में उसने पत्नी के साथ अपने संबंधों को लेकर क्या-क्या कहा? संजीत दास की कहानी क्या है? पुलिस का इस पूरे मामले पर क्या कहना है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए ‘परिवार तो परिवार होता है, मुझे अफसोस है कि अपने ही बच्चों की मैंने हत्या की’ डीएमसीएच में एडमिट चार हत्या की वारदात को अंजाम देने के आरोपी संजीत दास ने कहा कि 10 साल पहले मेरी शादी फूल कुमारी दास से हुई थी। उस वक्त मैं अपने घर पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर के दालकोला कुंडी में रहता था। अपनी कहानी बताने से पहले संजीत दास ने कहा कि परिवार तो परिवार होता है, मुझे अफसोस है कि मैंने ही अपनी पत्नी और बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। शादी के बाद मैंने एक दो साल बाहर रहकर मजदूरी की। लेकिन पत्नी और घरवालों के दबाव के कारण शादी के 2 साल बाद मैं पत्नी को लेकर बाहर कमाने चला आया। 7 साल पहले हृदय का जन्म हुआ। इसके बाद बेटी और फिर बेटे का जन्म हुआ। फूल कुमारी और मेरे बीच किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी। संजीत ने बताया कि मैं एक महीने पहले तक हरियाणा में मजदूरी कर रहा था। पत्नी और तीनों बच्चे खुशी-खुशी रह रहे थे। एक महीने पहले ही दरभंगा के मुर्गी फार्म में मेरी पत्नी का भाई भी काम कर रहा था। यहां एक महिला भी काम कर रही थी, जो प्रेग्नेंट थी और उसने काम छोड़ दिया। उस महिला की जगह काम करने के लिए मेरे साले ने मुझे बुला लिया। आरोपी ने बताया कि हरियाणा में रहने के दौरान ही पत्नी का व्यवहार बदला-बदला लग रहा था। वो मुझे खाने में कुछ मिलाकर देती थी, खाने के स्वाद से ही मुझे पता चलता था, लेकिन मैंने कुछ नहीं बोला, शक था। जब दरभंगा आया तो सोचा कि पत्नी का व्यवहार पहले जैसा हो जाएगा, लेकिन यहां भी उसका व्यवहार नहीं बदला। ‘सुबह 3 बजे आया, 5 बजे उठने के बाद पता नहीं मुझे क्या हुआ’ आरोपी ने बताया कि मैं तड़के 3 बजे तक अपने साले के साथ मुर्गी फार्म के चूजों को इंजेक्शन लगा रहा था। 3 बजे जब नींद आने लगी, तो साले से कहा कि मैं सोने जा रहा और घर आ गया। घर आने के बाद मैं सो गया। सुबह 5 बजे उठने की आदत है, मैं उठा और फ्रेश होकर कमरे में आया। कमरे में आते ही पता नहीं मेरे दिमाग में क्या आया। मैंने घर के कोने में पड़ी लोहे के रॉड से पहले बेटी के सिर पर वार किया। जब उसके सिर से खून निकलने लगा तो पत्नी ने मुझे रोकने की कोशिश की, फिर उसके सिर पर हमला किया, वो जमीन पर गिर गई। संजीत ने बताया कि पत्नी के जमीन पर गिरने के बाद मैंने दोनों बेटों के सिर पर लगातार वार करता रहा, जब मुझे लगा कि बच्चों की मौत हो गई है तो मैंने अपनी पत्नी फूल दास के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली। थोड़ी देर बाद मुझे अहसास हुआ कि मैंने गलत किया है, तब मैंने उसी लोहे के रॉड से अपने सिर पर वार किया। उसने बताया कि जब पत्नी और बच्चों के सिर पर वार कर रहा था तो वे शोर मचा रहे थे। आवाज सुनकर मेरा साला आया और उसने मुझे रोका, फिर पुलिस को इसकी जानकारी दी। संजीत ने बताया कि पत्नी और बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए मैंने पुलिस को अपने घर का पता बताया। जिसके बाद पुलिस ने पत्नी और तीनों बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद एंबुलेंस से मेरे घर पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर भेज दिया। मृतका का भाई बोला- बहनोई ने खुद ही अपना परिवार खत्म कर दिया मृतका के मौसेरे भाई मांगो दास ने बताया कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था और किसी तरह की परेशानी नहीं थी। संजीत को मुर्गी फार्म का मालिक 17 हजार रुपए सैलरी देता था। संजीत का काम पोल्ट्री फार्म में अंडा तैयार होने वाले सेक्शन में मुर्गियों को दाना देना, साफ-सफाई करना और मुर्गी फार्म की देखरेख का काम मिला था। मेरी बहन फूल दास भी मुर्गी फार्म में संजीत का हाथ बंटाती थी। एक महीने पहले जब मेरी बहन और बहनोई आए थे, तो मैंने ही पोल्ट्री फॉर्म में उनके रहने की व्यवस्था कराई थी। यहां तीन कमरे हैं। एक में मैं, जबकि दूसरे में मेरी भाभी और तीसरे में संजीत अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। मागो दास ने बताया कि घटना के बाद मैंने तत्काल हत्या की जानकारी मुर्गी फार्म के मालिक को दी और फिर पुलिस को भी इस बारे में बताया। मांगो ने बताया कि संदीप पहले नशा करता था, लेकिन दरभंगा आने के बाद उसने नशा करना छोड़ दिया था। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पतोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी भी मौके पर पहुंचे थे। दरभंगा के एसएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी पारिवारिक कलह का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। पत्नी और दो बच्चों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि घायल एक बच्चे को पुलिस ने डीएमसीएच पहुंचाया था, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। चार लोगों की हत्या की जानकारी के बाद घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि मैंने खुद घटनास्थल का मुआयना किया है। दरभंगा एसएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला गहरे पारिवारिक कलह का लग रहा है, जिसके कारण यह खौफनाक कदम उठाया गया। एक साथ चार हत्या होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
'पत्नी का व्यवहार हरियाणा से ही बदला-बदला था':वो मेरी हत्या करना चाहती थी; 3 बच्चों और वाइफ की हत्या के आरोपी पति का कबूलनामा
‘हम दोनों पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ महीने से लड़ाई-झगड़ा हो रहा था। मेरी पत्नी का व्यवहार पिछले 3 महीनों से कुछ अजीब था, वो मुझसे ठीक से बात तक नहीं करती थी। मैं पिछले 3 महीने से जब भी खाना खाता था, खाना का टेस्ट कुछ अजीब होता था। मैं कन्फर्म हूं कि मेरी पत्नी खाना में कुछ मिलाकर मुझे खिला रही थी, वो मुझे मारनाड़ा थी। मेरी पत्नी का किसी से अवैध संबंध था, वो मुझे क्यों मारना चाहती थी, ये मुझे नहीं पता। ये तो वहीं जानती होगी, अब वो इस दुनिया में नहीं है। अब इसकी जानकारी मुझे कौन देगा। बच्चे भी इतने बड़े नहीं थे कि उन्हें पता हो कि गलत और सही क्या है। अगर मेरे गैरमौजूदगी में कुछ गलत चल रहा था, तो मुझे कैसे पता चलता?’ दरभंगा मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में एडमिट 35 साल के संजीत दास ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, संजीत दास ने मंगलवार की सुबह करीब 5 बजे लोहे के रॉड से हमला कर पहले अपने तीन बच्चों और पत्नी की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद संजीत ने आत्महत्या की कोशिश की और लोहे के रॉड से अपने सिर पर भी हमला किया। मृतकों की पहचान संजीत की पत्नी 30 साल की फूल कुमारी दास, 7 साल के बेटे ह्रदय दास, 6 साल की बेटी संध्या दास और 5 साल के बेटे सोन दास के रूप में हुई है। घटना पतोर थाना क्षेत्र स्थित चंदनपट्टी गांव की है। संजीत दास ने अपनी पत्नी, 3 बच्चों की हत्या क्यों की? डीएमसीएच में उसने पत्नी के साथ अपने संबंधों को लेकर क्या-क्या कहा? संजीत दास की कहानी क्या है? पुलिस का इस पूरे मामले पर क्या कहना है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले वारदात से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए ‘परिवार तो परिवार होता है, मुझे अफसोस है कि अपने ही बच्चों की मैंने हत्या की’ डीएमसीएच में एडमिट चार हत्या की वारदात को अंजाम देने के आरोपी संजीत दास ने कहा कि 10 साल पहले मेरी शादी फूल कुमारी दास से हुई थी। उस वक्त मैं अपने घर पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर के दालकोला कुंडी में रहता था। अपनी कहानी बताने से पहले संजीत दास ने कहा कि परिवार तो परिवार होता है, मुझे अफसोस है कि मैंने ही अपनी पत्नी और बच्चों की निर्मम तरीके से हत्या कर दी। शादी के बाद मैंने एक दो साल बाहर रहकर मजदूरी की। लेकिन पत्नी और घरवालों के दबाव के कारण शादी के 2 साल बाद मैं पत्नी को लेकर बाहर कमाने चला आया। 7 साल पहले हृदय का जन्म हुआ। इसके बाद बेटी और फिर बेटे का जन्म हुआ। फूल कुमारी और मेरे बीच किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं थी। संजीत ने बताया कि मैं एक महीने पहले तक हरियाणा में मजदूरी कर रहा था। पत्नी और तीनों बच्चे खुशी-खुशी रह रहे थे। एक महीने पहले ही दरभंगा के मुर्गी फार्म में मेरी पत्नी का भाई भी काम कर रहा था। यहां एक महिला भी काम कर रही थी, जो प्रेग्नेंट थी और उसने काम छोड़ दिया। उस महिला की जगह काम करने के लिए मेरे साले ने मुझे बुला लिया। आरोपी ने बताया कि हरियाणा में रहने के दौरान ही पत्नी का व्यवहार बदला-बदला लग रहा था। वो मुझे खाने में कुछ मिलाकर देती थी, खाने के स्वाद से ही मुझे पता चलता था, लेकिन मैंने कुछ नहीं बोला, शक था। जब दरभंगा आया तो सोचा कि पत्नी का व्यवहार पहले जैसा हो जाएगा, लेकिन यहां भी उसका व्यवहार नहीं बदला। ‘सुबह 3 बजे आया, 5 बजे उठने के बाद पता नहीं मुझे क्या हुआ’ आरोपी ने बताया कि मैं तड़के 3 बजे तक अपने साले के साथ मुर्गी फार्म के चूजों को इंजेक्शन लगा रहा था। 3 बजे जब नींद आने लगी, तो साले से कहा कि मैं सोने जा रहा और घर आ गया। घर आने के बाद मैं सो गया। सुबह 5 बजे उठने की आदत है, मैं उठा और फ्रेश होकर कमरे में आया। कमरे में आते ही पता नहीं मेरे दिमाग में क्या आया। मैंने घर के कोने में पड़ी लोहे के रॉड से पहले बेटी के सिर पर वार किया। जब उसके सिर से खून निकलने लगा तो पत्नी ने मुझे रोकने की कोशिश की, फिर उसके सिर पर हमला किया, वो जमीन पर गिर गई। संजीत ने बताया कि पत्नी के जमीन पर गिरने के बाद मैंने दोनों बेटों के सिर पर लगातार वार करता रहा, जब मुझे लगा कि बच्चों की मौत हो गई है तो मैंने अपनी पत्नी फूल दास के सिर पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी जान ले ली। थोड़ी देर बाद मुझे अहसास हुआ कि मैंने गलत किया है, तब मैंने उसी लोहे के रॉड से अपने सिर पर वार किया। उसने बताया कि जब पत्नी और बच्चों के सिर पर वार कर रहा था तो वे शोर मचा रहे थे। आवाज सुनकर मेरा साला आया और उसने मुझे रोका, फिर पुलिस को इसकी जानकारी दी। संजीत ने बताया कि पत्नी और बच्चों के अंतिम संस्कार के लिए मैंने पुलिस को अपने घर का पता बताया। जिसके बाद पुलिस ने पत्नी और तीनों बच्चों के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद एंबुलेंस से मेरे घर पश्चिम बंगाल के उत्तरी दिनाजपुर भेज दिया। मृतका का भाई बोला- बहनोई ने खुद ही अपना परिवार खत्म कर दिया मृतका के मौसेरे भाई मांगो दास ने बताया कि सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था और किसी तरह की परेशानी नहीं थी। संजीत को मुर्गी फार्म का मालिक 17 हजार रुपए सैलरी देता था। संजीत का काम पोल्ट्री फार्म में अंडा तैयार होने वाले सेक्शन में मुर्गियों को दाना देना, साफ-सफाई करना और मुर्गी फार्म की देखरेख का काम मिला था। मेरी बहन फूल दास भी मुर्गी फार्म में संजीत का हाथ बंटाती थी। एक महीने पहले जब मेरी बहन और बहनोई आए थे, तो मैंने ही पोल्ट्री फॉर्म में उनके रहने की व्यवस्था कराई थी। यहां तीन कमरे हैं। एक में मैं, जबकि दूसरे में मेरी भाभी और तीसरे में संजीत अपनी पत्नी और बच्चों के साथ रह रहा था। मागो दास ने बताया कि घटना के बाद मैंने तत्काल हत्या की जानकारी मुर्गी फार्म के मालिक को दी और फिर पुलिस को भी इस बारे में बताया। मांगो ने बताया कि संदीप पहले नशा करता था, लेकिन दरभंगा आने के बाद उसने नशा करना छोड़ दिया था। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही पतोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। घटना की गंभीरता को देखते हुए दरभंगा के एसएसपी जगुनाथ रेड्डी जलारेड्डी भी मौके पर पहुंचे थे। दरभंगा के एसएसपी ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आपसी पारिवारिक कलह का प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि पति-पत्नी के बीच पिछले कुछ दिनों से विवाद चल रहा था। पत्नी और दो बच्चों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई थी, जबकि घायल एक बच्चे को पुलिस ने डीएमसीएच पहुंचाया था, जहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। चार लोगों की हत्या की जानकारी के बाद घटनास्थल पर पहुंचे डीआईजी मनोज तिवारी ने कहा कि मैंने खुद घटनास्थल का मुआयना किया है। दरभंगा एसएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया है। प्रथम दृष्टया यह मामला गहरे पारिवारिक कलह का लग रहा है, जिसके कारण यह खौफनाक कदम उठाया गया। एक साथ चार हत्या होना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण है। पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।


