
IMD Rain Red Alert West Bengal: पश्चिम बंगाल में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने और एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव के कारण मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. प्रादेशिक मौसम विज्ञान केंद्र अलीपुर (कोलकाता) ने कहा है कि उत्तर बंगाल के कुछ जिलों में अगले 24 से 48 घंटे बेहद संवेदनशील रहने वाले हैं.
इन जिलों के लिए जारी हुआ रेड अलर्ट
मौसम विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 19 जुलाई को उत्तर बंगाल के निम्नलिखित जिलों में सबसे आक्रामक मानसूनी गतिविधि देखने को मिल सकती है.
- जलपाईगुड़ी (Jalpaiguri) जिले में एक या दो स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा (20 सेंटीमीटर से अधिक) होने की प्रबल आशंका है, जिसके लिए रेड अलर्ट जारी किया गया है. पिछले 24 घंटों में भी जिले के मूर्थी में 170 मिलीमीटर और एनएच-31 ब्रिज के पास 140 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है.
- अलीपुरद्वार (Alipurduar) जिले में भी मौसम विभाग ने अत्यंत भारी बारिश (200 मिलीमीटर से अधिक) का रेड अलर्ट जारी किया है. जिले के डालगांव चाय बागान में पहले ही 130 मिलीमीटर वर्षा हो चुकी है.
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इन जिलों में ऑरेंज और येलो अलर्ट से बढ़ी चिंता
रेड अलर्ट वाले जिलों के अलावा, पहाड़ी और तराई के अन्य क्षेत्रों में भी भारी तबाही की आशंका है. इनके लिए ऑरेंज या येलो अलर्ट जारी किया गया है, जिसने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
- दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश (7-20 सेमी) होने की चेतावनी जारी की गयी है.
- कूचबिहार जिले में भी कुछ जगहों पर 7 से 20 सेमी तक भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है.
- उत्तर दिनाजपुर जिले में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा (7-11 सेमी) का येलो अलर्ट जारी किया गया है.
- मौसम विभाग ने उत्तर बंगाल के सभी जिलों में एक या दो स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली (Thunderstorm and Lightning) गिरने की भी आशंका जतायी है.
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रेड अलर्ट वाले जिलों में क्या होगा असर?
लगातार और अत्यंत भारी बारिश के कारण मौसम विभाग ने 19 और 20 जुलाई के दौरान कई गंभीर खतरों के प्रति आगाह किया है.
- भू-स्खलन (Landslides): दार्जिलिंग और कलिम्पोंग के पहाड़ी रास्तों पर भू-स्खलन की संभावना है.
- फ्लैश फ्लड और जलजमाव : निचले इलाकों, शहरी सड़कों और अंडरपास मार्गों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) और जलभराव हो सकता है.
- नदियों का उफान : तीस्ता (Teesta), तोर्सा (Torsa), जलढाका (Jaldhaka) और रायडक (Raidak) जैसी प्रमुख नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है.
- दृश्यता में कमी : भारी बारिश की वजह से दृश्यता (Visibility) काफी कम हो सकती है.
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प्रशासन ने दी लोगों को सलाह
प्रशासन ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे गरज-चमक के दौरान सुरक्षित पक्के मकानों में रहें. खुले मैदानों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें. बिजली के खंभों के आसपास न रहें. भू-स्खलन व जलभराव वाले क्षेत्रों में यात्रा करने से परहेज करें.


