पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो स्थानीय बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक कोयला कंपनी से नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपए की लेवी मांगने का आरोप है। यह घटना बीते 14 मई को बीजीआर कोल कंपनी की कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई थी। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि बीजीआर कोल माइन्स कंपनी बरदाहा गांव के पास इकड़ी नाला में एक पुल का निर्माण कर रही है। 14 मई की रात दो नकाबपोश बदमाश निर्माण स्थल पर पहुंचे और नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपए की लेवी मांगी। इस संबंध में थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया। टीम ने कई पहलुओं से जांच की और मानवीय तथा तकनीकी सूचना के आधार पर इनपुट जुटाए। इसके बाद अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बड़दाहा निवासी चांद हांसदा उर्फ चुटरोय और पचुवाड़ा निवासी चानुस सोरेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। एसपी ने बताया कि उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।
पाकुड़ में कोयला कंपनी से लेवी मांगने वाले दो गिरफ्तार:नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख की मांगी थी रंगदारी, पांच दिनों बाद अरेस्ट
पाकुड़ जिले के अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र में पुलिस ने दो स्थानीय बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इन पर एक कोयला कंपनी से नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपए की लेवी मांगने का आरोप है। यह घटना बीते 14 मई को बीजीआर कोल कंपनी की कंस्ट्रक्शन साइट पर हुई थी। एसपी अनुदीप सिंह ने बताया कि बीजीआर कोल माइन्स कंपनी बरदाहा गांव के पास इकड़ी नाला में एक पुल का निर्माण कर रही है। 14 मई की रात दो नकाबपोश बदमाश निर्माण स्थल पर पहुंचे और नक्सली संगठन के नाम पर 50 लाख रुपए की लेवी मांगी। इस संबंध में थाना में कांड संख्या 34/26 दर्ज किया गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए महेशपुर एसडीपीओ विजय कुमार के नेतृत्व में एक छापेमारी टीम का गठन किया। टीम ने कई पहलुओं से जांच की और मानवीय तथा तकनीकी सूचना के आधार पर इनपुट जुटाए। इसके बाद अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के बड़दाहा निवासी चांद हांसदा उर्फ चुटरोय और पचुवाड़ा निवासी चानुस सोरेन को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के दौरान दोनों अभियुक्तों ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। एसपी ने बताया कि उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है।


