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पाकुड़ जिला मुख्यालय में शुक्रवार को यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के देशव्यापी आह्वान पर सभी बैंक पूरी तरह बंद रहे। बैंक बंद रहने से आम लोगों को काफी परेशानी हुई। करोड़ों रुपए का लेनदेन भी प्रभावित हुआ। हड़ताल पर बैठे बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने शहर के भारतीय स्टेट बैंक व्यवहार न्यायालय स्थित शाखा के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने जुलूस निकाला और अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। मौके पर स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, केनरा बैंक सहित कई बैंकों के कर्मचारियों के बीच हड़ताल को लेकर बड़ी जागरूकता और एकजुटता दिखी। कई बार बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल पाया बैंक कर्मियों ने बताया कि हड़ताल का मुख्य मुद्दा पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करना और बैंक कर्मचारियों की अन्य लंबित मांगों का जल्द समाधान करना है। उन्होंने कहा कि उनकी मांगें काफी पुरानी हैं और कई बार बातचीत के बाद भी कोई हल नहीं निकल पाया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगे चरणबद्ध आंदोलन करेंगे। इसके तहत 28, 29 और 30 सितंबर को तीन दिवसीय देशव्यापी हड़ताल बुलाई गई है। अगर इसके बाद भी मांगों का समाधान नहीं होता है, तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी गई है। जिला भर के सभी बैंक बंद होने के कारण आम लोगों के करोड़ों रुपए के लेनदेन पर असर पड़ा। सुबह बैंक पहुंचे कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
पाकुड़ में बैंक हड़ताल से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित:पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग, आगे अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
