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30 जुलाई को लोहरदगा के इतिहास का सबसे काला दिन माना जा रहा है। इसी दिन दो दुर्दांत अपराधियों ने शहर में खौफ फैलाया। अपर बाजार स्थित खत्री ज्वेलरी हाउस के संचालक को बंदूक से मारने की कोशिश हुई। लूट का प्रयास हुआ। पतराटोली के पेट्रोल पंप में भी लूटपाट की कोशिश हुई। युवा व्यवसायी शुभम साहू की निर्मम हत्या हुई। पूरे जिले में दहशत फैल गई। मामले में पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने त्वरित कार्रवाई की। 10 सदस्यीय टीम बनाई गई। एसआइटी का गठन हुआ। जिम्मेदारी एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा को दी गई। पुलिस निरीक्षक सह सदर थाना प्रभारी रत्नेश मोहन ठाकुर के नेतृत्व में लगातार छापेमारी चली। तकनीकी मदद ली गई। अंततः पुलिस ने 36 घंटे में दोनों अपराधियों को पकड़ लिया। इस सफलता पर वरिष्ठ समाजसेवी ओमप्रकाश सिंह, लोहरदगा जिला सर्राफा एसोसिएशन के संरक्षक संजय बर्म्मन, अध्यक्ष प्रवीण तमेड़ा चिंटू, दिनेश सोनी, सुनील सोनी, संजय खत्री, शौर्य बर्म्मन ने पुलिस कप्तान सादिक अनवर रिजवी, एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा, पुलिस निरीक्षक रत्नेश मोहन ठाकुर को गौतमबुद्ध की प्रतिमा देकर सम्मानित किया। एसोसिएशन के लोगों ने जिले में बढ़ते नशाखोर के व्यापार पर चिंता जताई। उनके नेटवर्क की जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी। पुलिस कप्तान ने कहा कि नशाखोर के व्यापारियों के खिलाफ लगातार छापेमारी हो रही है। गिरफ्तारी भी हो रही है। नेटवर्क जल्द ध्वस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन, एनजीओ, अभिभावक भी जनजागरण के जरिए नशे के खिलाफ सामूहिक लड़ाई लड़ें। उन्होंने इसे वैश्विक समस्या बताया। पुलिस 24 घंटे उपलब्ध है। नशे से जुड़ी कोई भी सूचना मोबाइल पर दी जा सकती है। पूरी गोपनीयता रखी जाएगी।

