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पूर्णिया केंद्रीय कारा में बंद एक कैदी की तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान कटिहार जिले के नगर थाना क्षेत्र स्थित चौधरी मोहल्ला निवासी 55 वर्षीय मोहम्मद नियाज के रूप में हुई है। मोहम्मद नियाज हत्या के एक मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहा था। परिजन ने जेल प्रशासन पर लापरवाही बरतने और कैदी की मौत की सूचना छिपाने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, जेल प्रशासन ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए खारिज कर दिया है। मृतक का भतीजा बोला- चाचा की तबीयत बिगड़ने की जेल प्रशासन ने जानकारी नहीं दी मृतक मोहम्मद नियाज के भतीजे शाहबाज ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें जेल प्रशासन या अधिकारियों की तरफ से उनके चाचा की तबीयत बिगड़ने या बीमारी के बारे में कोई आधिकारिक सूचना नहीं दी गई। मृतक के परिजन ने कहा कि हमें जेल प्रशासन की तरफ से कोई सूचना नहीं मिली। किसी अन्य माध्यम से हमें पता चला कि चाचा की तबीयत बेहद गंभीर है और शायद उन्हें हार्ट अटैक आया है। इसके बाद जब हमने गूगल से नंबर निकालकर पूर्णिया जेल में संपर्क किया, तब जाकर उन्होंने स्वीकार किया कि हां, तबीयत खराब हुई है। लेकिन इसके तुरंत बाद कॉल कट कर दिया गया। अस्पताल पहुंचने पर मिली मौत की खबर परिजनों का कहना है कि दोहर 2 बजकर 40 मिनट पर यह सूचना मिली । जब वे सूचना मिलने के बाद लगभग दोपहर 3:00 बजे कटिहार से रवाना हुए और 4:00 बजे पूर्णिया अस्पताल पहुंचे, तब तक मोहम्मद नियाज की मौत हो चुकी थी। पहले हो चुकी थी मौत – परिजनों का दावा मृतक के भतीजे मोहम्मद शाहबाज़ ने दावा किया कि चाचा की मौत अस्पताल लाने से पहले ही जेल के अंदर या रात में ही हो चुकी थी, लेकिन जेल प्रशासन द्वारा इस बात को छिपाने की कोशिश की जा रही है। परिजनों का आरोप है कि यदि सही समय पर इलाज की सही जानकारी और सूचना मिलती, तो स्थिति कुछ और हो सकती थी। परिजनों ने बताया कि मृतक मोहम्मद नियाज़ हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे थे । हालांकि परिजनों के अनुसार उन्हें झूठे केस में फंसाया गया था। आरोप लगाते हुए कहा कि जेल प्रशासन द्वारा बीमारी की समय पर सूचना न देना और मौत की बात छिपाना जेल प्रशासन की सबसे बड़ी गलती है । परिजनों ने निष्पक्ष जांच की मांग की है। जेल प्रशासन ने आरोपों को किया खारिज मामले में जेल प्रशासन ने अपना रुख साफ करते हुए परिजनों के आरोपों को खारिज किया है। जेल प्रशासन के अनुसार मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे कैदी मो. नियाज को अचानक दिल का दौरा पड़ा था। स्थिति बिगड़ने पर बिना किसी देरी के उन्हें तुरंत इलाज के लिए पूर्णिया जीएमसीएच भेजा गया। कैदी की मौत के बाद नियमानुसार मजिस्ट्रेट की निगरानी में शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। परिजनों द्वारा लगाए जा रहे आरोप बेबुनियाद हैं।


