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बिहार सरकार के ‘सेवा संकल्प से कायाकल्प’ अभियान के तहत पूर्णिया जिला प्रशासन ने एक नई पहल की है। इसके अंतर्गत जिला स्कूल परिसर में खंडहर हो चुकी पुरानी इमारत को ठीक करके अत्याधुनिक लाइब्रेरी में बदल दिया गया है। लाइब्रेरी में मिल रही ये सारी सुविधा जिलाधिकारी अंशुल कुमार ने इस पहल और आगामी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि जिला स्कूल के परिसर में स्थिति एक पुरानी जर्जर इमारत का पूर्ण जीर्णोद्धार कराया गया है। अब यहां 100 से 150 छात्रों की बैठने की क्षमता वाली नई लाइब्रेरी तैयार की गई है। इसमें बिजली की अलग से व्यवस्था, आरामदायक टेबल-कुर्सियां, केबिन और शौचालय की सुविधा है। इस लाइब्रेरी में पर्याप्त पुस्तकें रखी गई है। व्यवस्था संभालने के लिए लाइब्रेरियन की प्रतिनियुक्ति की जानी है । समय सीमा छात्रों के मुताबिक डीएम अंशुल कुमार ने बताया कि वर्तमान में यह लाइब्रेरी निशुल्क है। भविष्य में लाइब्रेरी के टिकाऊ संचालन के लिए लगभग ₹150 का बहुत मामूली शुल्क रखने का विचार है। अत्यंत गरीब व मेधावी छात्रों को इसमें रियायत दी जाएगी। फिलहाल लाइब्रेरी शाम 6 बजे तक खुलेगी। छात्रों की मांग और आवश्यकता अनुसार इसे रात के 10-12 बजे तक अथवा 24 घंटे चलाने की योजना बनाई जाएगी। पूर्णिया लाइव क्लास के शिक्षकों के साथ-साथ छात्रों की एक समिति बनाकर इस लाइब्रेरी के आंतरिक प्रबंधन की जिम्मेदारी धीरे-धीरे छात्रों को ही सौंपी जाएगी। कायाकल्प अभियान के तहत इतने करने हैं काम जानकारी साझा करते हुए जिला पदाधिकारी ने बताया कि 2 अक्टूबर तक 100 और अगले 3 महीनों में 1000 संपत्तियों का जीर्णोद्धार किया जाना है। जिलाधिकारी ने बताया कि 17 सितंबर से शुरू हुए कायाकल्प अभियान के तहत सिर्फ यह लाइब्रेरी ही नहीं, बल्कि जिले भर के अन्य जर्जर सरकारी ढांचों का कायाकल्प किया जा रहा है। इनमें मुख्य रूप से आंगनवाड़ी केंद्र, सामुदायिक भवन, और प्राथमिक स्कूलों के अतिरिक्त कक्षा-कक्ष को रखा गया है। 1000 संपत्तियों के कायाकल्प का लक्ष्य कायाकल्प के पहले चरण में जिले में कम से कम 100 ऐसी संरचनाओं की मरम्मत, रंग-रोगन और जीर्णोद्धार का काम पूरा कर लिया जाएगा। 31 अक्टूबर तक और अधिक इमारतों का चयन कर कार्य बढ़ाया जाएगा। जबकि अगले 2-3 महीने में पूरे पूर्णिया जिले में कम से कम 1000 सरकारी संपत्तियों के पुनरुद्धार का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। निशुल्क पढ़ने को मिल जाती हैं किताबें: छात्रा रिया नीट की तैयारी कर रही छात्रा रिया कुमारी पिछले एक वर्ष से यहां आकर पढ़ाई कर रही हैं और वर्तमान में परीक्षा की तैयारी में जुटी हैं। उन्होंने नई लाइब्रेरी के उद्घाटन और उसमें मिलने वाली सुविधाओं पर खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि यहां विद्यार्थियों के लिए बेहद उत्तम माहौल और सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि जो पुस्तकें सामान्यतः विद्यार्थियों को आसानी से या मुफ्त में उपलब्ध नहीं हो पाती हैं, वे यहां लाइब्रेरी में बिल्कुल नि:शुल्क पढ़ने को मिल जाती हैं। इससे न केवल आर्थिक रूप से राहत मिलती है, बल्कि छात्रों को अपनी परीक्षा की तैयारी के लिए बिना किसी बाधा के अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध हो जाती है। रिया का मानना है कि इस लाइब्रेरी से मिलने वाले संसाधन उनके ज्ञान में वृद्धि करने और उनकी प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी को सही दिशा देने में बेहद मददगार साबित हो रहे हैं। पहले इस लाइब्रेरी के निर्माण का कार्य चल रहा था, लेकिन अब इसके पूरी तरह बन जाने से छात्रों को एक व्यवस्थित और शांत अध्ययन केंद्र मिल गया है। ‘पढ़ाई के लिए काफी अच्छी सुविधाएं मिल रही’ लाइब्रेरी में नियमित रूप से अध्ययन करने आ रहे कक्षा 9 के छात्र ने बताया कि वह पिछले 16 दिनों से इस लाइब्रेरी का उपयोग कर रहे हैं। जब उनसे लाइब्रेरी की व्यवस्था के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि यहां पढ़ाई के लिए काफी अच्छी सुविधाएं मिल रही हैं। छात्र के अनुसार, इस क्षेत्र में ऐसी एक अत्याधुनिक और शांत लाइब्रेरी की अत्यंत आवश्यकता थी। यह लाइब्रेरी छोटे और बड़े दोनों स्तर के विद्यार्थियों को एक साथ बैठकर अनुशासित माहौल में अपनी-अपनी कक्षाओं की तैयारी करने का एक बेहतरीन मंच प्रदान करती है। पढ़ने के लिए पर्याप्त और खुला स्पेस: छात्र अमान प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र अमान शारिक ने नई लाइब्रेरी के माहौल और बुनियादी सुविधाओं की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया कि यहां पढ़ने के लिए पर्याप्त और खुला स्पेस उपलब्ध है, जिससे छात्रों का मन पढ़ाई में पूरी तरह से लगा रहता है। लाइब्रेरी का वातावरण अत्यंत स्वच्छ, शांत और शोर-शराबे से मुक्त है, जहां बाहर की कोई भी आवाज या बाधा पढ़ाई को प्रभावित नहीं करती। इसके अलावा, उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि यह लाइब्रेरी बेहद सुरक्षित है और विशेष रूप से छात्राओं के लिए भी यहां का माहौल पूरी तरह से सुरक्षित और आरामदायक है।
पूर्णिया में खंडहर इमारत बनी अत्याधुनिक लाइब्रेरी:स्टूडेंट्स के लिए निशुल्क सुविधा; जिले में कायाकल्प अभियान के तहत 1000 संपत्तियों का होगा जीर्णोद्धार
