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झारखंड के चर्चित शराब घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को पूर्व वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव से करीब पांच घंटे तक पूछताछ की। पूछताछ शराब कारोबारी योगेंद्र तिवारी से जुड़े प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) के तहत चल रही जांच के सिलसिले में हुई। ईडी ने उरांव को पहले भी समन जारी किया था, लेकिन वे उस समय पेश नहीं हुए थे। उन्होंने दस्तावेज तैयार करने के लिए तीन सप्ताह का समय मांगा था। इसके बाद एजेंसी ने दूसरा समन जारी कर 7 जुलाई को उपस्थित होने का निर्देश दिया था। तय तारीख पर उरांव ईडी कार्यालय पहुंचे, लेकिन मीडिया के सवालों पर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने सिर्फ इतना कहा कि उन्हें कब और कितनी जानकारी देनी है, इसकी पूरी जानकारी है। सूत्रों के मुताबिक, उरांव ने कुछ सवालों के जवाब विस्तार से दिए, लेकिन कई अहम बिंदुओं पर अनभिज्ञता जताई। खासकर बेटे रोहित उरांव के वित्तीय लेन-देन, योगेंद्र तिवारी और उसके सहयोगियों से संभावित संबंध और संदिग्ध बैंक ट्रांजेक्शन से जुड़े सवालों पर वे स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। पूछताछ के दौरान वर्ष 2021 की राज्य सरकार की शराब नीति में हुए बदलाव को भी केंद्र में रखा गया। ईडी ने जानने की कोशिश की कि क्या इस नीति में बदलाव किसी विशेष कारोबारी को लाभ पहुंचाने के लिए किया गया था। एजेंसी की जांच में सामने आया है कि इसी नीति के बाद योगेंद्र तिवारी ने एक साथ 14 जिलों में थोक शराब के लाइसेंस हासिल किए थे। ईडी ने उस रिपोर्ट का भी हवाला दिया, जिसमें योगेंद्र तिवारी पर अवैध शराब और बालू कारोबार से कमाए गए करोड़ों रुपए शेल कंपनियों के जरिए बैंकिंग सिस्टम में खपाने का आरोप है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि इस कथित अवैध राशि का कोई हिस्सा उरांव परिवार तक पहुंचा था या नहीं। तिवारी से संबंध व लॉकर में मिले सामान पर भी सवाल
ईडी ने योगेंद्र तिवारी से उनके संबंधों को लेकर भी सवाल किए। एजेंसी ने यह जानने की कोशिश की कि क्या उनका तिवारी के कथित कारोबार से कोई संबंध रहा है। इस पर रामेश्वर उरांव ने किसी भी तरह के संबंध से साफ इनकार किया। पूछताछ में अगस्त 2023 की तलाशी कार्रवाई का भी जिक्र हुआ। ईडी ने बैंक ऑफ बड़ौदा की बरियातू शाखा स्थित लॉकर नंबर-88 से मिले सामान के बारे में भी सवाल किए। इस दौरान भी उरांव ने कई सवालों पर अनभिज्ञता जताई। फिर बुलावा संभव, दस्तावेजों से होगा मिलान
सूत्रों के अनुसार, इस मामले में ईडी रामेश्वर उरांव को दोबारा भी पूछताछ के लिए बुला सकती है। फिलहाल एजेंसी उनके जवाबों का दस्तावेजों और बैंकिंग रिकॉर्ड से मिलान कर रही है। जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा है।

