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जिले में मोबाइल टावरों से महंगे उपकरण चोरी करने वाले अंतरजिला गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। जांच में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड तौफिक अंसारी पहले संबंधित कंपनी में काम कर चुका था। नौकरी के दौरान उसे मोबाइल टावरों की लोकेशन, सुरक्षा व्यवस्था और वहां लगे महंगे उपकरणों की पूरी जानकारी मिल गई थी। इसी का इस्तेमाल कर उसने अपने साथियों के साथ मिलकर विभिन्न थाना क्षेत्रों में 33 जगह चोरी की। पुलिस ने इस मामले में मास्टरमाइंड तौफिक अंसारी, अकमल अंसारी और मुबारक अंसारी को गिरफ्तार कर लिया है। तौफिक अनगड़ा, अकमल नगड़ी और मुबारक पुंदाग थाना क्षेत्र के इलाहीनगर का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर मोबाइल टावरों से चोरी किए गए रिंग-फीड समेत कई महंगे उपकरण बरामद किए हैं। चोरी की घटनाओं में इस्तेमाल की जा रही एक चारपहिया गाड़ी भी जब्त की गई है। जांच में पता चला कि यह वाहन भी चोरी का है।पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के सामान खरीदने वाले नेटवर्क की जांच कर रही है। कबाड़ी में बेच देता था चोरी के कीमती उपकरण
चोरी के बाद गिरोह कीमती उपकरणों को कबाड़ी गौरी कुमार को बेच देता था। पुलिस ने कबाड़ी वाले को भी गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में चोरी के सामान की खरीद-बिक्री से जुड़े कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में सामने आया कि गिरोह ने चान्हो, पिठोरिया, कांके, नगड़ी, रातू, ओरमांझी, सिकिदिरी, अनगड़ा, बुढ़मू, मांडर, खलारी, इटकी, बेड़ो और लापुंग थाना क्षेत्रों में मोबाइल टावरों को निशाना बनाया। इन इलाकों में दर्ज चोरी के 33 मामलों का खुलासा इस गिरफ्तारी के बाद हुआ है।

