गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के अइला गांव में पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए 30 वर्षीय सत्येंद्र रविदास की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सत्येंद्र रविदास बुधवार को परसांवा खुर्द गांव में पेड़ काटने गए थे। वह पेड़ की ऊंची शाखा पर चढ़कर कटाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक बड़ी टहनी टूटकर नीचे गिर गई, जिसके साथ सत्येंद्र भी जमीन पर आ गिरे। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह घटनास्थल पर ही बेहोश हो गए। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों और ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गुरुआ पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। सत्येंद्र के निधन की खबर मिलते ही परिजनों में दुख छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि सत्येंद्र मेहनतकश और मिलनसार व्यक्ति थे। उनके असामयिक निधन से गांव में शोक व्याप्त है। उनके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन और ग्रामीण शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में पुलिस पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पेड़ से गिरकर घायल युवक की इलाज के दौरान मौत:गुरुआ के अइला गांव में पसरा शोक, तीन छोटे बच्चे अनाथ
गया जिले के गुरुआ थाना क्षेत्र के अइला गांव में पेड़ से गिरकर गंभीर रूप से घायल हुए 30 वर्षीय सत्येंद्र रविदास की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सत्येंद्र रविदास बुधवार को परसांवा खुर्द गांव में पेड़ काटने गए थे। वह पेड़ की ऊंची शाखा पर चढ़कर कटाई का काम कर रहे थे। इसी दौरान अचानक एक बड़ी टहनी टूटकर नीचे गिर गई, जिसके साथ सत्येंद्र भी जमीन पर आ गिरे। ऊंचाई से गिरने के कारण उन्हें गंभीर चोटें आईं और वह घटनास्थल पर ही बेहोश हो गए। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों और ग्रामीणों ने उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) गुरुआ पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, गया रेफर कर दिया। अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था, लेकिन गुरुवार की सुबह उन्होंने दम तोड़ दिया। सत्येंद्र के निधन की खबर मिलते ही परिजनों में दुख छा गया। ग्रामीणों ने बताया कि सत्येंद्र मेहनतकश और मिलनसार व्यक्ति थे। उनके असामयिक निधन से गांव में शोक व्याप्त है। उनके तीन छोटे बच्चे हैं, जिनकी परवरिश को लेकर ग्रामीण चिंतित हैं। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजन और ग्रामीण शव के गांव पहुंचने का इंतजार कर रहे हैं। इस संबंध में पुलिस पदाधिकारी राहुल कुमार ने बताया कि घटना की सूचना पुलिस को मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। उन्होंने यह भी बताया कि अभी तक कोई आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

