लोहरदगा|एक ओर जहां राज्य सरकार पौधरोपण अभियान पर जिले में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर पेशरार प्रखंड में अवैध रूप से वनों की कटाई का काम जारी है। दर्जनों पेड़ काट िलए गए यही कारण है कि धीरे धीरे हरियाली कम होती जा रही है। कुछ अवैध रूप से कटाई के कारण तो कुछ जंगलों में आग लगने के कारण हरियाली पर आंच आ रही है। लोहरदगा जिला में कैरो प्रखंड और पेशरार प्रखंड क्षेत्र के कई हिस्सों में लकड़ी के लिए वनों की अवैध रूप से कटाई की जा रही है। इससे वन संपदा को नुकसान हो रही है। नतीजा कई जगहों पर जंगल सपाट मैदान में परिवर्तित होते जा रहे हैं। साथ ही जंगल अंदर से खोखले होते जा रहे है। जिले के कुल क्षेत्रफल का लगभग 32-35 प्रतिशत वन क्षेत्र है। लोहरदगा जिले में कुल 44.36 वर्ग किलोमीटर में वनाच्छादित क्षेत्र है। लोहरदगा जिले के किस्को, पेशरार, सेन्हा में ज्यादातर क्षेत्र और कुडू ब्लॉक के कुछ क्षेत्र में घने जंगल हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पेशरार और किस्को के जंगलों में लकड़ी और वन माफिया नजर डाले हुए हैं।
पेशरार में लकड़ी तस्करों ने वनों से अवैध रूप से काट िलए दर्जनों पेड़, पर्यावरण को नुकसान
लोहरदगा|एक ओर जहां राज्य सरकार पौधरोपण अभियान पर जिले में करोड़ों रुपए खर्च कर रही है, वहीं दूसरी ओर पेशरार प्रखंड में अवैध रूप से वनों की कटाई का काम जारी है। दर्जनों पेड़ काट िलए गए यही कारण है कि धीरे धीरे हरियाली कम होती जा रही है। कुछ अवैध रूप से कटाई के कारण तो कुछ जंगलों में आग लगने के कारण हरियाली पर आंच आ रही है। लोहरदगा जिला में कैरो प्रखंड और पेशरार प्रखंड क्षेत्र के कई हिस्सों में लकड़ी के लिए वनों की अवैध रूप से कटाई की जा रही है। इससे वन संपदा को नुकसान हो रही है। नतीजा कई जगहों पर जंगल सपाट मैदान में परिवर्तित होते जा रहे हैं। साथ ही जंगल अंदर से खोखले होते जा रहे है। जिले के कुल क्षेत्रफल का लगभग 32-35 प्रतिशत वन क्षेत्र है। लोहरदगा जिले में कुल 44.36 वर्ग किलोमीटर में वनाच्छादित क्षेत्र है। लोहरदगा जिले के किस्को, पेशरार, सेन्हा में ज्यादातर क्षेत्र और कुडू ब्लॉक के कुछ क्षेत्र में घने जंगल हैं। इनमें से सबसे ज्यादा पेशरार और किस्को के जंगलों में लकड़ी और वन माफिया नजर डाले हुए हैं।


