‘मिशन सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0’ के तहत 9वें राष्ट्रीय पोषण माह-2026 के अवसर पर बुधवार को जिला स्तरीय पौष्टिक व्यंजन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। इसमें जिले की 11 बाल विकास परियोजना (ICD) इकाइयों से चुनी गई आंगनबाड़ी सेविकाओं व सहायिकाओं ने हिस्सा लिया और स्थानीय व पारंपरिक सामग्रियों से तैयार पौष्टिक व्यंजनों के आकर्षक स्टॉल लगाए। अधिकारियों ने चखा व्यंजनों का स्वाद, बढ़ाया उत्साह उपायुक्त (DC) अजय नाथ झा, जिला परिषद अध्यक्ष सुनीता देवी, डीडीसी शताब्दी मजूमदार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने स्टॉलों का अवलोकन कर प्रदर्शित पकवानों का स्वाद चखा और प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना की। आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के समग्र विकास का बने सशक्त जरिया: उपायुक्त उपायुक्त अजय नाथ झा ने कहा कि पोषण माह महज एक महीने का औपचारिकता अभियान नहीं, बल्कि सतत जनभागीदारी से चलने वाली एक दीर्घकालिक पहल है। उन्होंने निर्देश दिया कि हर गांव में कुपोषित बच्चों की पहचान और मैपिंग की जाए, ताकि कोई भी बच्चा स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं से वंचित न रहे। पारंपरिक पकवानों का जलवा, प्रतियोगिता के परिणाम प्रतियोगिता में स्थानीय अनाज (मोटे अनाज) से बने अनूठे व्यंजनों ने सभी का ध्यान खींचा: प्रथम पुरस्कार (संयुक्त): बेरमो, कसमार और नावाडीह परियोजनाएं। (बेरमो की माला देवी द्वारा तैयार ‘रागी मोमो’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहा)। द्वितीय पुरस्कार (संयुक्त): पेटरवार, चंद्रपुरा, चंदनकियारी और जरीडीह। (चंद्रपुरा की रंजीता देवी के ‘मड़वा पिज्जा’ की खूब सराहना हुई)। तृतीय पुरस्कार (संयुक्त): गोमिया, चास सिटी और चास रूरल। सभी विजेता टीमों व प्रतिभागियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। नियुक्ति पत्र का वितरण: समारोह के दौरान सात नवनिर्वाचित आंगनबाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को अधिकारियों द्वारा औपचारिक नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए।
