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शेखपुरा में गुरुवार को जिला पदाधिकारी शेखर आनंद ने शेखपुरा प्रखंड कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली और जन-कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया। निरीक्षण के क्रम में कार्यालय परिसर के पास एक संदिग्ध गुमटी को सील कर दिया गया।जिला पदाधिकारी ने कार्यालय के अभिलेखों के रख-रखाव की जांच की। उन्होंने आगत-निर्गत पंजी, बायोमैट्रिक उपस्थिति पंजी, कर्मचारियों की सेवा पुस्तिका, योजनावार पंजी और प्रखंड स्तरीय बैठकों की अनुपालन पंजी का बारीकी से निरीक्षण किया। इंस्पेक्शन के दौरान दुकान सील इसके अतिरिक्त, डीएम ने आम जनता से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। इनमें वृद्धा पेंशन, राशन कार्ड निर्माण, भूमि के खाता-खसरा व रकबा ऑनलाइन चढ़ाने की स्थिति, शौचालय निर्माण और पेयजल आपूर्ति शामिल थे। उन्होंने कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के माध्यम से दी जा रही नागरिक सुविधाओं की भी समीक्षा की और सभी कर्मियों की उपस्थिति दर्ज करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान, जिला पदाधिकारी ने कार्यालय परिसर के पास स्थित एक गुमटी (दुकान) पर छापा मारा। जांच करने पर गुमटी से जमीन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कागजात, सरकारी रसीदें, पहचान पत्र (आधार व पैन कार्ड) तथा नकद राशि बरामद हुई। लापरवाही या बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं – DM मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने उक्त गुमटी को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया। इस पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी कर दिए गए हैं।इस औचक निरीक्षण के दौरान कई जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। इनमें एडीएम लखींद्र पासवान, डीसीसी राकेश कुमार, एसडीओ प्रियंका कुमारी, भूमि सुधार उप समाहर्ता मृत्युंजय कुमार, जिला विकास पदाधिकारी सह जिला जनसंपर्क पदाधिकारी आर्य गौतम, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी, शेखपुरा शामिल थे। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में हिदायत दी कि कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या बिचौलियों की संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को जन-समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निवारण करने का निर्देश दिया।
