पटना के फुलवारी शरीफ में नकली नोटों का कारोबार करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 10,000 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस इस गिरोह के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की भी जांच कर रही है। सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने इस मामले की पुष्टि की है। फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने फुलवारी-खगौल बॉर्डर के पास से इन आरोपियों को पकड़ा। शनिवार को गश्त के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को देखा, जो पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छपरा के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के कौजी गांव निवासी विकास कुमार (पिता-शशी भूषण सिंह), सुमित कुमार (पिता-स्व. अनिल सिंह) और रोहित कुमार (पिता-हरेंद्र सिंह) के रूप में हुई है। ग्रामीण इलाकों में लोगों से करते थे ठगी तलाशी के दौरान उनके पास से 10,000 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इन नोटों को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पटना से नकली नोट लाकर छपरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों को नोट दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरोह के सदस्य लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और किन-किन क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां संचालित की हैं। नोटों की तकनीकी जांच कराई जा रही पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद नोटों की तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये नोट पूरी तरह नकली हैं।
फुलवारी शरीफ में नकली नोट के साथ 3 गिरफ्तार:₹10,000 फेक नोट मिले, गांव में लोगों को रुपए डबल होने का लालच देकर ठगते थे
पटना के फुलवारी शरीफ में नकली नोटों का कारोबार करने वाले तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 10,000 रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। पुलिस इस गिरोह के अंतर्राष्ट्रीय संबंधों की भी जांच कर रही है। सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने इस मामले की पुष्टि की है। फुलवारी शरीफ थाना पुलिस ने फुलवारी-खगौल बॉर्डर के पास से इन आरोपियों को पकड़ा। शनिवार को गश्त के दौरान पुलिस ने तीन संदिग्ध युवकों को देखा, जो पुलिस को देखते ही भागने लगे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान छपरा के मढ़ौरा थाना क्षेत्र के कौजी गांव निवासी विकास कुमार (पिता-शशी भूषण सिंह), सुमित कुमार (पिता-स्व. अनिल सिंह) और रोहित कुमार (पिता-हरेंद्र सिंह) के रूप में हुई है। ग्रामीण इलाकों में लोगों से करते थे ठगी तलाशी के दौरान उनके पास से 10,000 रुपये के नकली नोट बरामद हुए। इन नोटों को जब्त कर जांच के लिए भेज दिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे पटना से नकली नोट लाकर छपरा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लोगों को नोट दोगुना करने का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरोह के सदस्य लोगों को कम समय में रकम दोगुनी करने का लालच देकर अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और किन-किन क्षेत्रों में अपनी गतिविधियां संचालित की हैं। नोटों की तकनीकी जांच कराई जा रही पुलिस को आशंका है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों और राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। सिटी एसपी पश्चिम भानु प्रताप सिंह ने बताया कि बरामद नोटों की तकनीकी जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि ये नोट पूरी तरह नकली हैं।

