
खास बातें
TMC Misinformation Campaign: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में ‘फेक न्यूज’ और ‘भ्रामक प्रचार’ की बाढ़ आ गयी है. विपक्षी दलों और फैक्ट-चेकिंग रिपोर्ट्स के हवाले से सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर गंभीर आरोप लग रहे हैं. आरोप है कि चौथी बार सत्ता में आने के लिए टीएमसी ‘भय और झूठ’ की राजनीति कर उतर आयी है.
बंगाल की चीफ मिनिस्टर और तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी की लीडरशिप में चल रहे अभियान पर चुनाव आयोग के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को एनआरसी (NRC) से जोड़ने और मछली-मांस पर पाबंदी जैसी अफवाहें फैलाने के आरोप लगे हैं.
SIR बनाम NRC : डर का नया ‘खेला’?
TMC के अभियान के केंद्र में चुनाव आयोग का SIR (Special Intensive Revision) है. पार्टी इसे एनआरसी का रूप बताकर वोटर को चेतावनी दे रही है कि इससे वैध बंगाली वोटरों के नाम हटा दिये जायेंगे और उन्हें ‘डिटेंशन कैंप’ में भेज दिया जायेगा. हालांकि, इस पर भाजपा भी पलटवार कर रही है. उसका कहना है कि टीएमसी हार के डर से अल्पसंख्यकों को डरा रही है.
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मछली और मांस पर बैन की ‘फेक’ चेतावनी
TMC की रैलियों और विज्ञापनों में एक और बड़ा दावा किया जा रहा है कि अगर भाजपा जीती, तो बंगाल में मछली और मटन खाने पर पाबंदी लग जायेगी. इस पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमिक भट्टाचार्य और सुकांत मजूमदार ने सफाई दी है कि भाजपा का स्टैंड केवल गौ-तस्करी रोकने पर है, खान-पान पर नहीं. असम के चीफ मिनिस्टर हिमंता बिस्व सरमा ने इसे ममता बनर्जी की ‘बौखलाहट’ बताया और उन्हें भाजपा शासित राज्य असम आकर मछली खाने का न्योता तक दे डाला.
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घुसपैठ और फर्जी वीडियो का जाल
टीएमसी ने दावा किया कि SIR में कोई बड़ी घुसपैठ का मामला सामने नहीं आया है, जबकि सरकारी आंकड़े सीमावर्ती जिलों में हजारों संदिग्धों की पहचान की बात कह रहे हैं. पीएम मोदी ने खुद चेतावनी दी है कि टीएमसी AI का इस्तेमाल कर फर्जी वीडियो बना रही है. हाल ही में वाराणसी के 2022 के एक पुराने वीडियो को मुर्शिदाबाद का बताकर शेयर किया गया, जिसे फैक्ट-चेकर्स ने बेनकाब किया.
डिजिटल योद्धा या भ्रामक मशीन?
अभिषेक बनर्जी ने ‘आमी बांग्लार डिजिटल जोद्धा’ नाम से एक सोशल मीडिया आर्मी उतारी है. टीएमसी के आईटी सेल ने हजारों वीडियो बनाये हैं. विपक्ष का आरोप है कि ‘दीदी के दूत’ ऐप के जरिये फर्जी सर्वे और खबरें फैलायी जा रही हैं.
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कांग्रेस ने भी टीएमसी को झूठे दावों पर घेरा
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी टीएमसी को घेरते हुए कहा कि बंगाल में 84 लाख युवा बेरोजगारी भत्ते के लिए आवेदन कर चुके हैं, लेकिन ममता बनर्जी 2 करोड़ लोगों को नौकरी देने का दावा कर रहीं हैं. उनका दावा केवल कागजी है.
फर्जी इंटरनल सर्वे प्लांट करने के आरोप
भाजपा ने टीएमसी पर एक और गंभीर आरोप लगाया है कि वह मीडिया में ‘फर्जी इंटरनल सर्वे’ प्लांट कर रही है, ताकि भाजपा कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराया जा सके. वरिष्ठ पत्रकार सुमन चट्टोपाध्याय के अनुसार, भ्रष्टाचार और एंटी-इन्कम्बेंसी के बोझ तले दबी पार्टी अब तथ्यों की बजाय ‘नैरेटिव’ बनाने पर उतर आयी है.
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अरूप विश्वास बोले- गलत सूचनाओं का मुकाबला करने के लिए है ‘दीदीर दूत’ ऐप
ममता बनर्जी के करीबी टीएमसी नेता अरूप विश्वास कहते हैं कि पार्टी का मोबाइल ऐप ‘दीदीर दूत’ (दीदी का दूत) को गलत सूचनाओं का मुकाबला करने, विभाजनकारी विमर्श को चुनौती देने और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बंगाल की प्रगतिशील आवाज को बुलंद करने की जिम्मेदारी दी गयी है. हालांकि, पार्टी के आलोचकों का कहना है कि जिसे पार्टी ‘गलत सूचना के खिलाफ’ अभियान का नाम दे रही है, वह वास्तव में वही गलत सूचनाएं पैदा करने और उन्हें फैलाने का माध्यम है.
देवांशु भट्टाचार्य बोले- भाजपा के खिलाफ ‘जैसे को तैसा’
तृणमूल के आईटी सेल प्रमुख देवांशु भट्टाचार्य ने कहा है कि इस रणनीति को अनिवार्य रूप से ‘जैसे को तैसा’ बताया. इसके तहत भाजपा शासित राज्यों की विफलताओं को उजागर किया जाता है. पर्यवेक्षकों का मानना है कि खंडन और मनगढ़ंत बातों में बहुत महीन अंतर रह गया है.
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TMC Misinformation Campaign: टीएमसी को सताने लगा है हार का डर!
वोटर रजिस्ट्रेशन को लेकर डर पैदा करने से लेकर भोजन पर प्रतिबंध और घुसपैठ जैसी झूठी कहानियों को गढ़ने तक, सत्ताधारी दल की चुनावी रणनीति विश्वसनीय शासन रिकॉर्ड के बजाय धोखे पर आधारित प्रतीत होती है. जो पार्टी कभी जमीनी स्तर की लामबंदी और मतदाताओं के साथ ममता बनर्जी के व्यक्तिगत जुड़ाव पर गर्व करती थी, उसमें यह बदलाव चुनावी जंग में घबराहट को दिखाता है. ऐसा लगता है कि पार्टी को भरोसा नहीं रहा कि उसका काम खुद बोलेगा.
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