
पश्चिम बंगाल की 2 विधानसभा सीटों पर हुए उपचनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों ने बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. नंदीग्राम विधानसभा सीट पर हसीरानी रथ ने अब तक के सबसे बड़े अंतर से जीत दर्ज की है. उन्होंने शुभेंदु अधिकारी का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया है. हसीरानी ने कांग्रेस पार्टी के मिलन प्रधान को रिकॉर्ड 1,22,753 वोटों के अंतर से हराया है. मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर सीट पर भाजपा के शंखारभ सरकार ने हुमायूं कबीर के बेटे गुलाम नबी आजाद को 75,816 वोट से पराजित किया.
फालता का रिकॉर्ड नंदीग्राम उपचुनाव में टूटा
फालता विधानसभा सीट पर भाजपा उम्मीदवार देवांशु पांडा ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआईएम) के प्रत्याशी शंभु नाथ कुरमी को 1,09,111 वोट से हराया था. देवांशु को 1,49,666 और कुरमी को 40,645 वोट मिले थे. फालता में कांग्रेस प्रत्याशी अब्दुर रज्जाक मोल्ला को 10,084 और ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान को 7783 वोट मिले थे. हसीरानी रथ ने 1,22,753 वोट से जीतकर उस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है.
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रेजीनगर विधानसभा सीट पर भाजपा का कब्जा
पूर्व मेदिनीपुर जिले की नंदीग्राम विधानसभा सीट पहले भाजपा के कब्जे में थी. लेकिन मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) का कब्जा था. यहां से हुमायूं कबीर ने भाजपा के बापन घोष को 58,876 वोट से हरा दिया था. भाजपा को यहां आम चुनाव में 64,660 वोट मिले थे. हुमायूं कबीर की जीत का जितना अंतर था, उनके बेटे गुलाम नबी आजाद उर्फ रॉबिन को उपचुनाव में उससे भी कम वोट मिले हैं.
शुभेंदु और हुमायूं के इस्तीफे से खाली हुई थी 2 सीटें
नंदीग्राम विधानसभा सीट शुभेंदु अधिकारी और रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे की वजह से खाली हुई थी. शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम और दक्षिण कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीटों पर जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने नंदीग्राम सीट छोड़ दी और वहां की जनता से वादा किया कि यहां विधायक कोई भी बने, शुभेंदु उनकी सेवा करते रहेंगे. हुमायूं कबीर ने नोदा और रेजीनगर सीट पर दर्ज की और बाद में रेजीनगर सीट से इस्तीफा दे दिया.
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रेजीनगर में ममता बनर्जी के उम्मीदवार चौथे नंबर पर
मुस्लिम बहुल रेजीनगर विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी की पार्टी चौथे नंबर पर रही. उनके उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी तो महज 3,847 वोट मिले और उनकी जमानत जब्त हो गयी. नंदीग्राम विधानसभा सीट पर ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी ने कांग्रेस पार्टी के मिलन प्रधान को समर्थन दिया था.
6 अक्टूबर को नंदीग्राम और रेजीनगर में हुए उपचुनाव
नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव हुए थे. नंदीग्राम में 80.89 प्रतिशत और रेजीनगर में 80.08 प्रतिशत लोगों ने वोट किया था. बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने दोनों सीटों पर उपचुनाव से पहले दावा किया था कि इस बार अल्पसंख्यक मतदाता भी सरकार के साथ रहेंगे और वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पक्ष में मतदान करेंगे. शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम की जनता से दक्षिण 24 परगना जिले की फालता विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में भाजपा प्रत्याशी की जीत का रिकॉर्ड तोड़ने की अपील की थी और जनता ने ऐसा ही किया. उन्होंने रेजीनगर में भी अपील की थी कि बंगाल के विकास के लिए अल्पसंख्यक मतदाता भाजपा के पक्ष में वोट करें.
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पहले राउंड से भाजपा उम्मीदवारों ने बना ली थी बढ़त
मतगणना में शुरुआत से ही दोनों सीटों पर भाजपा ने निर्णायक बढ़त बना ली थी. नंदीग्राम में 11वें राउंड के बाद हसीरानी रथ 90,203 वोटों से आगे थीं. 13वें राउंड के बाद यह बढ़कर 1,05,854 हो गयी और अंततः उन्होंने 1.22 लाख से अधिक वोटों से जीत दर्ज की. रेजीनगर में भी पोस्टल बैलेट से शुरू हुई बढ़त 12वें राउंड तक 70 हजार के पार पहुंच गयी और अंतिम नतीजे में शंखारभ सरकार 75 हजार से अधिक मतों से जीत गये.
नंदीग्राम व रेजीनगर में राष्ट्रवादी शक्तियों की हुई जीत : मुख्यमंत्री
उपचुनाव के ऐतिहासिक नतीजों पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि दोनों ही सीटों पर राष्ट्रवादी शक्तियों की जीत हुई है. उन्होंने पहले ही विश्वास जताया था कि तृणमूल कांग्रेस और वामदल इन दोनों सीटों पर कोई प्रभाव नहीं छोड़ पायेंगे. रेजीनगर के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में भाजपा को मिले भारी समर्थन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को बिना किसी धार्मिक भेदभाव के ‘अन्नपूर्णा योजना’ का लाभ मिला है. इसके चलते उन्होंने हमें वोट दिया है.
अल्पसंख्यकों को बंगाल में मिला नया दोस्त
पश्चिम बंगाल विधानसभा में ऐतिहासिक बहुमत के बाद मुख्यमंत्री बनने वाले शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि अल्पसंख्यकों को बंगाल में एक नया दोस्त मिला है. अल्पसंख्यक मतदाता भी भाजपा को अपने साथी के तौर पर देख रहे हैं. वे अब सरकार का समर्थन करना चाहते हैं. इसलिए उन्होंने हमें वोट दिया है. उन्हें समझ आ गया है कि लंबे समय से उन्हें भटकाया गया. मुख्यमंत्री ने मुस्लिम मतदाताओं को धन्यवाद देते हुए दावा किया कि रेजीनगर में 60 फीसदी और नंदीग्राम में 80 फीसदी मुस्लिमों में भाजपा को वोट दिया है.
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