शेखपुरा में आगामी मॉनसून के मद्देनजर संभावित बाढ़ और जलजमाव की पूर्व तैयारियों को लेकर बुधवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। जिलाधिकारी शेखर आनंद ने बैठक की अध्यक्षता की। इस दौरान आपदा प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों की बिंदुवार समीक्षा की गई और पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में लापरवाही बरतने तथा अनुपस्थित रहने पर दो कार्यपालक अभियंताओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिलाधिकारी ने संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने बाढ़ राहत एवं अन्य आवश्यक सामग्रियों की दरों को समय पर निर्धारित करने का आदेश दिया, ताकि आपातकाल में कोई असुविधा न हो। जिले में पर्याप्त मात्रा में पॉलिथीन शीट की उपलब्धता सुनिश्चित करने और सभी नावों का अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराने के निर्देश भी दिए गए। दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया प्रभावित क्षेत्रों में जरूरत पड़ने पर तुरंत सामुदायिक किचन स्थापित करने तथा पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया। पशुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उनके लिए नाद निर्माण और चारे की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक के दौरान लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग (PHED) की कार्यप्रणाली को लेकर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। कार्यपालक अभियंता (PHED) द्वारा बैठक में गलत रिपोर्ट प्रस्तुत करने पर जिलाधिकारी ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई और स्पष्टीकरण पूछने का निर्देश दिया। उन्होंने जिले के पुराने एवं नए चापाकलों की वास्तविक रिपोर्ट अविलंब उपलब्ध कराने और शेष बचे चापाकल निर्माण कार्यों को यथाशीघ्र पूर्ण करने को भी कहा। पेयजल संकट से निपटने के लिए 27 मरम्मति गैंग को सक्रिय करने का आदेश दिया गया। कार्यपालक अभियंता (विद्युत) से भी स्पष्टीकरण की मांग जिलाधिकारी ने आपदा जैसी संवेदनशील बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण कार्यपालक अभियंता (विद्युत) से भी स्पष्टीकरण की मांग की है। इसके अलावा, मॉनसून के दौरान हादसों को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए। बिजली के तारों के आसपास लटके पेड़ों की टहनियों की छंटाई करने तथा इसकी रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।कस्तूरबा विद्यालयों की हीटवेव समीक्षा एवं अग्निशमन को निर्देश दिया गया है कि मौसम के मिजाज को देखते हुए जिला पदाधिकारी ने अन्य विभागों को भी अलर्ट मोड पर रहने को कहा गया। बैनर-पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक करने के निर्देश जिले में संचालित सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिकाओं विद्यालयों में हीटवेव (लू) से बचाव के इंतजामों को लेकर संबंधित पदाधिकारियों को 3 दिनों के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपने का निर्देश दिया गया है। जिला अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे बैनर-पोस्टर के माध्यम से लोगों को जागरूक करें। साथ ही, ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक आयोजित कर लोगों को आग से बचाव के उपायों के प्रति सचेत करें।


