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तेतरावां पावर सब-स्टेशन (पीएसएस) से जुड़े लाखों उपभोक्ताओं के लिए राहत भरी खबर है। बिजली विभाग ने बिहारशरीफ के बिजवनपर से तेतरावां तक 14 किलोमीटर लंबी 33 केवी नई बिजली लाइन का काम पूरा कर लिया है। नई लाइन को चार्ज भी कर दिया गया है। दो दिनों में तेतरावां पीएसएस को बड़ी पहाड़ी ग्रिड से बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। इस व्यवस्था के लागू होने से क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही बिजली ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज की समस्या का स्थाई समाधान हो जाएगा। वर्तमान में तेतरावां पीएसएस को पड़ोसी जिला शेखपुरा के शेखोपुरसराय ग्रिड से बिजली दी जा रही है। दूरी अधिक होने के कारण मामूली खराबी पर भी ब्रेकडाउन की समस्या हो जाती थी। इसके अलावा, शेखोपुरसराय ग्रिड से निकली एक ही 33 केवी लाइन से कतरीसराय, वादी और घोसरावां पीएसएस भी जुड़े हैं। इस कारण गर्मी के दिनों में ओवरलोडिंग की समस्या से उपभोक्ता लगातार जूझ रहे थे। बड़ी पहाड़ी ग्रिड से जुड़ने के बाद अब यह तकनीकी झमेला खत्म हो जाएगा। आपात स्थिति में शेखोपुरसराय ग्रिड से मिलेगी बिजली नई व्यवस्था के तहत इलाके को ‘रिंग सिस्टम’ से जोड़ा गया है। तेतरावां को मुख्य रूप से बड़ी पहाड़ी ग्रिड से बिजली मिलेगी, लेकिन यदि किसी तकनीकी खराबी के कारण मुख्य लाइन बाधित होती है, तो आपात स्थिति में शेखोपुरसराय ग्रिड से भी आपूर्ति बहाल की जा सकेगी। यह दोहरी (टू-वे) व्यवस्था बिजली गुल होने की समस्या को लगभग खत्म कर देगी।
कृषि-उद्योग को मिलेगी नई रफ्तार निर्बाध बिजली आपूर्ति का सीधा लाभ हर वर्ग को मिलेगा। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और छोटे उद्योग-धंधों को मजबूती मिलेगी। सबसे अधिक राहत क्षेत्र के किसानों को होगी, जो सिंचाई के लिए बिजली पर निर्भर रहते हैं। अब उन्हें खेतों में पानी चलाने के लिए बिजली की अनिश्चितता से मुक्ति मिलेगी। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर (ग्रामीण), बिहारशरीफ रूपक कुमार ने बताया कि तेतरावां पीएसएस को बड़ी पहाड़ी ग्रिड से जोड़ने के लिए 14 किलोमीटर नई 33 केवी लाइन तैयार कर चार्ज कर दी गई है। अगले एक-दो दिनों के भीतर तेतरावां पीएसएस को बड़ी पहाड़ी ग्रिड से निर्बाध बिजली मिलने लगेगी।


