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नालंदा के अलग-अलग इलाकों में पिछले तीन-चार दिनों से पेट्रोल-डीजल की कमी को लेकर आम लोगों के बीच अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर फैली अफवाह ने लोगों को इस कदर परेशान कर दिया है कि पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गई हैं। सुबह से लेकर देर रात तक लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, जिससे कई जगहों पर जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है। हालांकि, जिला प्रशासन और तेल कंपनियों के अधिकारियों ने इस पूरे मामले को महज एक अफवाह करार दिया है। स्पष्ट किया है कि जिले में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सुचारू है। कहीं भी कोई तकनीकी या उत्पादन संबंधी कमी नहीं है। अफवाह से बढ़ी परेशानी स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों और कर्मचारियों का कहना है कि तेल की आवक में कोई बदलाव नहीं हुआ है, लेकिन ग्राहकों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव ने संकट जैसी स्थिति पैदा कर दी है। राणा बीघा स्थित साधना पेट्रोल पंप के संचालक उजाला प्रसाद ने बताया कि उन्हें हर माह की तरह निर्धारित मात्रा में तेल मिल रहा है, लेकिन जो स्टॉक पूरे 24 घंटे चलता था, वह अब भीड़ के कारण मात्र 6 घंटे में ही समाप्त हो जा रहा है। गगन दीवान पंप के मैनेजर विपिन बिहारी ने बताया कि जिस व्यक्ति को मात्र 50 या 100 रुपए के पेट्रोल की जरूरत है, वह भी अफवाहों के डर से टंकी फुल कराने की कोशिश कर रहा है। कई लोग तो अवैध रूप से जरकिन और गैलनों में तेल जमा करने की होड़ में लगे हैं, जिससे पंप मालिकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने में खासी मशक्कत करनी पड़ रही है। घंटों इंतजार करना पड़ रहा है ग्राहक मोहम्मद इकबाल ने बताया कि घंटों लाइन में लगने के कारण रोजगार में भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। कई पंपों ने भीड़ को देखते हुए या स्टॉक खत्म होने के डर से अपनी सेवाएं बंद कर दी है, जिससे चालू पंपों पर दबाव बढ़ गया है। गगन दीवान और कारगिल चौक जैसे इलाकों में भी लोग आधे-आधे घंटे तक अपनी बारी का इंतजार करते देखे गए। कुछ पंपों पर अब भीड़ को नियंत्रित करने के लिए तेल की बिक्री सीमित कर दी गई है, जहां बड़ी गाड़ियों को केवल एक से दो हजार रुपए तक का ही डीजल दिया जा रहा है। ताकि सभी को जरूरत भर ईंधन मिल सके। लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है वहीं, प्रशासन ने इस पर सख्त रूख अपनाया है। सहायक जिला आपूर्ति पदाधिकारी अंजनी कुमार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिले में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है। आपूर्ति श्रृंखला पूरी तरह सक्रिय है। यह केवल एक भ्रम है कि तेल खत्म होने वाला है, जिसके कारण लोग अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा कर रहे हैं। किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें। जरकिन या अन्य असुरक्षित माध्यमों में तेल का भंडारण न करें, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यह नियमों के खिलाफ भी है। फिलहाल, स्थिति को सामान्य करने के लिए प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।


