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बिहार के मान्यता प्राप्त सांख्यिकी स्वयंसेवकों (ASV) के लिए नई उम्मीद जगी है। अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय ने राज्यभर के स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण और उनके पहले किए गए कार्यों का ब्योरा मांगा है। इसके बाद सहरसा जिले में भी पुराने दस्तावेज जुटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। निदेशालय ने सभी जिला सांख्यिकी अधिकारियों को स्वयंसेवकों के नाम, पता, मेधा क्रमांक, प्रशिक्षण अवधि, पंचायतवार किए गए कार्य और पारिश्रमिक भुगतान के सबूत सहित रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। 12-13 साल पुराने रिकॉर्ड जुटाने में परेशानी सहरसा में स्वयंसेवक अपने पुराने दस्तावेज जुटाकर कार्यालय में जमा कर रहे हैं। जिला सांख्यिकी पदाधिकारी आनंद प्रकाश ने बताया कि रिकॉर्ड 12-13 साल पुराना है। इस कारण दस्तावेज जुटाने में समय लग रहा है। सत्यापन के बाद डाटा मुख्यालय भेजा जाएगा। स्वयंसेवकों को फैसले का इंतजार सिमरी बख्तियारपुर के स्वयंसेवक दिनेश कुमार ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी उनके भविष्य को लेकर न्यायसंगत फैसला लेंगे। उन्होंने अपने सभी जरूरी दस्तावेज जमा कर दिए हैं।
बिहार के सांख्यिकी स्वयंसेवकों के लिए जगी उम्मीद:12-13 साल पुराने रिकॉर्ड जुटा रहा विभाग, प्रशिक्षण और भुगतान का मांगा ब्योरा
