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बिहार में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर सियासत तेज हो गई है। सीतामढ़ी राजद महिला विंग की प्रधान महासचिव वंदना कुमारी ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बिहार में बेटियां रात तो दूर, दिन में भी सुरक्षित नहीं हैं। ‘अपराधी की जाति-धर्म नहीं, कार्रवाई में भेदभाव क्यों’ वंदना कुमारी ने कहा कि अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। हालांकि, उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि पुलिस जाति, धर्म और रंग-रूप देखकर एनकाउंटर कर रही है। जमुई छेड़खानी कांड में नंदन यादव के एनकाउंटर पर सवाल उन्होंने जमुई में छात्रा से छेड़खानी के मामले का जिक्र करते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव का एनकाउंटर नहीं होने पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मामले में अन्य आरोपियों के नाम, पहचान और उनकी जाति सार्वजनिक नहीं की गई। वंदना ने समस्तीपुर में छेड़खानी के आरोप में युवकों की गिरफ्तारी का भी उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि वहां भी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया, लेकिन एनकाउंटर नहीं किया गया। सांसद सांभवी चौधरी पर भी लगाया आरोप वंदना कुमारी ने सांसद सांभवी चौधरी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने अपनी जाति और पार्टी के वोट बैंक को बचाने के लिए पुलिस के प्रेस रिलीज से आरोपियों के नाम हटा दिए। हालांकि, यह आरोप वंदना कुमारी की ओर से लगाया गया है। उन्होंने सरकार से महिलाओं की सुरक्षा के मुद्दे पर राजनीति से ऊपर उठकर सख्त और निष्पक्ष कार्रवाई करने की अपील की। वंदना ने कहा कि महिलाओं और छात्राओं से जुड़े मामलों में पुलिस को बिना किसी भेदभाव के कार्रवाई करनी चाहिए।
‘बिहार में बेटियां दिन में भी सुरक्षित नहीं’:राजद महिला विंग ने सरकार पर साधा निशाना,कहा-समस्तीपुर छेड़खानी के आरोपी का एनकाउंटर क्यों नहीं?
