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सिटी रिपोर्टर | बोकारो बीएसएल प्रबंधन और एनजेसीएस नेताओं के खिलाफ बीएसएल अनाधिशासी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में मंगलवार को कर्मियों ने काला झंडा लेकर मौन जुलूस निकाला। 45 से अधिक लंबित मांगों, बोनस राशि सहित विभिन्न कर्मचारी हितों के मुद्दों को लेकर कर्मियों ने प्रदर्शन के माध्यम से अपना विरोध दर्ज कराया। आंदोलन में नारी शक्ति कर्मियों ने भी सक्रिय भूमिका निभाते हुए जुलूस की अगुवाई की। बीएसएल के मजदूर मैदान में बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए। यहां से कर्मचारी हाथों में काला झंडा लेकर मौन पदयात्रा करते हुए प्रशासनिक भवन स्थित धरना स्थल तक पहुंचे। धरना स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए संघ के महासचिव हरिओम ने कहा कि सेल कर्मियों की 45 से अधिक मांगें लंबे समय से लंबित हैं। इन समस्याओं को लेकर इस्पात मंत्रालय और सेल प्रबंधन के अधिकारियों को पत्र, फोन और व्यक्तिगत मुलाकात के माध्यम से कई बार जानकारी दी गई है। इसके बावजूद कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर अपेक्षित पहल नहीं हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सेल प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के बजाय उनके हितों को प्रभावित करने वाले निर्णय ले रहा है। वहीं एनजेसीएस नेताओं की भूमिका पर सवाल उठाते हुए उन्होंने बोनस समझौते का मुद्दा उठाया। हरिओम ने कहा कि वेतन पुनरीक्षण एमओयू, एरियर और अब बोनस के मामले में कर्मचारियों के हितों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने अधिकारों और लंबित मांगों के समाधान के लिए संघर्ष को तेज करना होगा। संघ अध्यक्ष दिलीप ने कहा कि बिना यूनियन चुनाव कराए प्रबंधन द्वारा निर्णय लिए जाने की परंपरा को समाप्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लोकतांत्रिक तरीके से निर्वाचित प्रतिनिधित्व जरूरी है।
बीएसएल कर्मियों ने निकाला मौन जुलूस, सभा कर जताया आक्रोश
