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भारत सरकार के ज्ञान भारतम मिशन के तहत पांडुलिपियों के संरक्षण और डिजिटलीकरण काम की समीक्षा के लिए डीएम श्रीकांत शास्त्री ने आज सरस्वती संस्कृत उच्च विद्यालय बेगूसराय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीएम ने स्कूल के क्लास, पुस्तकालय और भवन की स्थिति का जायजा लिया। इसके साथ ही उन्होंने स्कूल में सुरक्षित पुराने हस्तलिखित पांडुलिपियों के संरक्षण की व्यवस्था का अवलोकन किया। हेड मास्टर को आवश्यक निर्देश दिए। जिला संस्कृति पदाधिकारी श्याम कुमार सहनी ने बताया कि ज्ञान भारतम मिशन के तहत 75 साल से अधिक पुरानी हस्तलिखित पांडुलिपियों को संरक्षित और सूचीबद्ध किया जा रहा है। इन पांडुलिपियों को भारत सरकार के ज्ञान भारतम पोर्टल पर अपलोड कर भविष्य में डिजिटल रूप में सुरक्षित किया जाएगा। इसके लिए नव नालंदा महाविहार नालंदा को क्लस्टर बनाया गया है। जिसके तहत 14 जिलों में पांडुलिपियों के डिजिटलीकरण काम संचालित है। 588 पांडुलिपियों की पहचान की गई थी नालंदा से आई विशेषज्ञ टीम में शामिल सहायक आचार्य (हिंदी) विकास सिंह और सहायक आचार्य डॉ. सुशांत कुशवाहा (बौद्ध पर्यटन एवं प्रबंधन) ने बताया कि शुरुआत में बेगूसराय जिले में 588 पांडुलिपियों की पहचान की गई थी। जबकि यहां अब तक 613 पांडुलिपियां हासिल हो चुकी हैं। इस दौरान विद्यालय के हेड मास्टर डॉ. प्रशांत कुमार ने डीएम को विद्यालय में संरक्षित देवनागरी, तिरहुता और मिथिलाक्षर लिपि में लिखित पांडुलिपियों व गणित में ज्यामिति विषय से संबंधित दुर्लभ हस्तलिखित दस्तावेजों का अवलोकन कराया। इस दौरान सुशांत कुमार एवं शिक्षक सुरेश पाठक सहित सभी कर्मी उपस्थित थे।

