बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। चांदपुरा, परना, सांख और कैथ सहित कई गांवों में तेज हवाओं के कारण बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तुलसीपुर और बरैठ में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया। यहां आधे दर्जन से अधिक मकानों के टिन, एस्बेस्टस और अन्य शेड तेज हवा में उड़ गए। कई कच्चे एवं फूस के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पशुओं के आश्रय स्थल भी आंधी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए। आंधी के दौरान तुलसीपुर, कैथ और बरैठ सहित कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर जाने से घंटों तक आवागमन बाधित रहा। तुलसीपुर से कैथ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग 800 मीटर के दायरे में आधा दर्जन से अधिक विशाल पेड़ गिरे, जिससे सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और उन्हें वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त, बिजली आपूर्ति प्रभावित तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। गिरे हुए पेड़ों की चपेट में आने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई। रजौरा, जिनेदपुर, सांख, कैथ, परना और चांदपुरा सहित कई गांवों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली बाधित होने से लोगों को पेयजल, संचार और अन्य दैनिक कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया, ताकि यातायात व्यवस्था जल्द बहाल हो सके।
बेगूसराय सदर में आंधी-बारिश से भारी तबाही:कई गांवों में पेड़ गिरे, बिजली गुल, आवागमन बाधित
बेगूसराय सदर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार को आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। चांदपुरा, परना, सांख और कैथ सहित कई गांवों में तेज हवाओं के कारण बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और मकानों पर गिर गए, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया। तुलसीपुर और बरैठ में सबसे अधिक नुकसान दर्ज किया गया। यहां आधे दर्जन से अधिक मकानों के टिन, एस्बेस्टस और अन्य शेड तेज हवा में उड़ गए। कई कच्चे एवं फूस के मकान भी क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे प्रभावित परिवारों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पशुओं के आश्रय स्थल भी आंधी की चपेट में आकर क्षतिग्रस्त हुए। आंधी के दौरान तुलसीपुर, कैथ और बरैठ सहित कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिर जाने से घंटों तक आवागमन बाधित रहा। तुलसीपुर से कैथ को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर लगभग 800 मीटर के दायरे में आधा दर्जन से अधिक विशाल पेड़ गिरे, जिससे सड़क पूरी तरह अवरुद्ध हो गई। हजारों लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई और उन्हें वैकल्पिक मार्गों का सहारा लेना पड़ा। कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार क्षतिग्रस्त, बिजली आपूर्ति प्रभावित तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर बिजली के खंभे और तार भी क्षतिग्रस्त हो गए। गिरे हुए पेड़ों की चपेट में आने से विद्युत आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई। रजौरा, जिनेदपुर, सांख, कैथ, परना और चांदपुरा सहित कई गांवों में घंटों बिजली आपूर्ति ठप रही। बिजली बाधित होने से लोगों को पेयजल, संचार और अन्य दैनिक कार्यों में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद कई जगहों पर जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे लोगों की मुश्किलें और बढ़ गईं। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने स्वयं पहल करते हुए सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया, ताकि यातायात व्यवस्था जल्द बहाल हो सके।

