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बेतिया जिले के नगर पंचायत स्थित एक निजी अस्पताल में परिवार नियोजन (नसबंदी) ऑपरेशन के दौरान 32 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस घटना के बाद मृतका के परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामले में अस्पताल संचालक चिकित्सक समेत चार लोगों के खिलाफ लौरिया थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। मृतका की पहचान बगहा पुलिस जिला अंतर्गत मलपुरवा वार्ड संख्या-34 निवासी मंशा देवी (32) के रूप में हुई है। उनके पति का नाम दीपू कुमार है। परिजनों के अनुसार, मंशा देवी को परिवार नियोजन के ऑपरेशन के लिए लौरिया स्थित अपना हेल्थ केयर सेंटर में भर्ती कराया गया था। महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई
अस्पताल संचालक डॉ. अनिल कुमार ने मंशा देवी को ऑपरेशन थिएटर में ले गए। कुछ समय बाद डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई है और उन्हें तत्काल बेहतर इलाज के लिए बेतिया ले जाने की आवश्यकता है। परिजन महिला को लेकर बेतिया के खिरिया घाट स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद बताया कि उनकी मौत पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद परिजन शव लेकर दोबारा पहले अस्पताल पहुंचे और लापरवाही का आरोप लगाते हुए विरोध-प्रदर्शन किया। इस दौरान अस्पताल के डॉक्टर और अन्य कर्मचारी पिछले दरवाजे से फरार हो गए। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
मृतका के पति दीपू कुमार ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि ऑपरेशन स्वयं डॉक्टर ने नहीं किया, बल्कि अस्पताल के स्टाफ और एक युवती ने किया, जो चिकित्सक नहीं थे। उनकी लापरवाही के कारण ही ऑपरेशन के दौरान उनकी पत्नी की मौत हो गई। दीपू कुमार ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतका अपने पीछे पति, एक पुत्र तथा दो पुत्रियों को छोड़ गई हैं। बड़ी पुत्री की उम्र छह वर्ष से भी कम बताई जा रही है। घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
लौरिया थानाध्यक्ष इंद्रजीत पासवान ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम जीएमसीएच, बेतिया में कराया गया है। मृतका के पति के आवेदन पर अस्पताल संचालक समेत चार लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच जारी है तथा सभी आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।

