मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के गैविपुर में रविवार रात एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक मयंक चौधरी की मौत हो गई। मयंक दूध लेने के लिए घर से निकला था, तभी यह दुर्घटना हुई। गैविपुर निवासी शंकर चौधरी के पुत्र मयंक चौधरी अपनी बाइक से ‘नंदी भौजी चौक’ की ओर जा रहे थे। घर से लगभग 200-300 मीटर आगे बढ़ने पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण दोनों बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने मयंक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा देखा। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस से मयंक को बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मयंक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में शोक छा गया। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र और दो बड़ी बहनों का अकेला भाई था। मयंक की मां आंगनबाड़ी सेविका हैं, और पिता शंकर चौधरी भी इस घटना से सदमे में हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और यातायात व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन बाधित हो गया। घटना की सूचना पर बेनीपट्टी थाना के इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी शिवशरण साह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। सड़क जाम खुलवाने के बाद थाना प्रभारी शिवशरण साह अपनी टीम के साथ मृतक मयंक के घर पहुंचे। पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती है। लेकिन, परिवार सदमे में होने के कारण पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहा है। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है।
बेनीपट्टी में सड़क हादसे में युवक की मौत:गैविपुर में तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से गई जान, बाजार जा रहा था
मधुबनी जिले के बेनीपट्टी थाना क्षेत्र के गैविपुर में रविवार रात एक सड़क हादसे में 18 वर्षीय युवक मयंक चौधरी की मौत हो गई। मयंक दूध लेने के लिए घर से निकला था, तभी यह दुर्घटना हुई। गैविपुर निवासी शंकर चौधरी के पुत्र मयंक चौधरी अपनी बाइक से ‘नंदी भौजी चौक’ की ओर जा रहे थे। घर से लगभग 200-300 मीटर आगे बढ़ने पर सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के कारण दोनों बाइकें क्षतिग्रस्त हो गईं। हादसे की आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने मयंक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में सड़क पर पड़ा देखा। स्थानीय लोगों ने तुरंत एम्बुलेंस से मयंक को बेनीपट्टी अनुमंडल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। मयंक की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में शोक छा गया। वह अपने माता-पिता का इकलौता पुत्र और दो बड़ी बहनों का अकेला भाई था। मयंक की मां आंगनबाड़ी सेविका हैं, और पिता शंकर चौधरी भी इस घटना से सदमे में हैं। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने मुआवजे और यातायात व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे कुछ देर के लिए आवागमन बाधित हो गया। घटना की सूचना पर बेनीपट्टी थाना के इंस्पेक्टर सह थाना प्रभारी शिवशरण साह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोशित लोगों को समझा-बुझाकर और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका। सड़क जाम खुलवाने के बाद थाना प्रभारी शिवशरण साह अपनी टीम के साथ मृतक मयंक के घर पहुंचे। पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहती है। लेकिन, परिवार सदमे में होने के कारण पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर रहा है। पुलिस टीम मौके पर मौजूद है और परिजनों को समझाने का प्रयास कर रही है।


