बोकारो में शनिवार को दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया गया। झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अवर प्रादेशिक नियोजनालय द्वारा आईटीआई परिसर में आयोजित इस मेले में 500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। विभिन्न कंपनियों ने लगभग 70 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया। मेले में कुल 11 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें स्थानीय और बाहरी दोनों तरह के संस्थान शामिल थे। इन कंपनियों ने स्कूलों में शिक्षक, छात्र परामर्शदाता, तकनीकी स्टाफ, इलेक्ट्रिशियन, सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर, सीएनसी ऑपरेटर, मैकेनिक, ऑफिस असिस्टेंट, टेली कॉलर और इंश्योरेंस एडवाइजर जैसे सैकड़ों पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की। यह मेला 10वीं पास से लेकर स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा और बी.टेक योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर लेकर आया। हालांकि, रोजगार मेले में कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। कई अभ्यर्थी आवश्यक प्रमाण-पत्रों की कमी के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए। वहीं, कुछ युवाओं ने घर से दूर दूसरे शहरों में नौकरी करने में हिचकिचाहट और होमसिकनेस की बात भी बताई। 50 हजार रुपए तक वेतन की पेशकश अवर प्रादेशिक नियोजन पदाधिकारी प्रत्यूष शेखर ने बताया कि मेले में शामिल कंपनियां अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक के मासिक वेतन की पेशकश कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मेले की खासियत यह है कि डिग्रीधारी युवाओं के साथ-साथ कम शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवारों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है और झारखंड सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। बेंगलुरु से आई एनटीटीएफ कंपनी के प्रतिनिधि श्यामल जी सिंह ने जानकारी दी कि चयनित युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान लगभग 19 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड, निःशुल्क हॉस्टल, बीमा और परिवहन सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि योग्यता के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में अवसर उपलब्ध हैं, जो युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने का सुनहरा मौका है। इस रोजगार मेले ने क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं में नई उम्मीद जगाई है।
बोकारो में दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला आयोजित:500 से अधिक युवाओं ने आजमाई किस्मत, 70 को मिला साक्षात्कार का मौका
बोकारो में शनिवार को दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेले का आयोजन किया गया। झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के अवर प्रादेशिक नियोजनालय द्वारा आईटीआई परिसर में आयोजित इस मेले में 500 से अधिक युवाओं ने भाग लिया। विभिन्न कंपनियों ने लगभग 70 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए शॉर्टलिस्ट किया। मेले में कुल 11 प्रतिष्ठित कंपनियों ने हिस्सा लिया, जिनमें स्थानीय और बाहरी दोनों तरह के संस्थान शामिल थे। इन कंपनियों ने स्कूलों में शिक्षक, छात्र परामर्शदाता, तकनीकी स्टाफ, इलेक्ट्रिशियन, सुरक्षा गार्ड, सुरक्षा सुपरवाइजर, मशीन ऑपरेटर, सीएनसी ऑपरेटर, मैकेनिक, ऑफिस असिस्टेंट, टेली कॉलर और इंश्योरेंस एडवाइजर जैसे सैकड़ों पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया संचालित की। यह मेला 10वीं पास से लेकर स्नातक, आईटीआई, डिप्लोमा और बी.टेक योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर लेकर आया। हालांकि, रोजगार मेले में कुछ चुनौतियां भी सामने आईं। कई अभ्यर्थी आवश्यक प्रमाण-पत्रों की कमी के कारण चयन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए। वहीं, कुछ युवाओं ने घर से दूर दूसरे शहरों में नौकरी करने में हिचकिचाहट और होमसिकनेस की बात भी बताई। 50 हजार रुपए तक वेतन की पेशकश अवर प्रादेशिक नियोजन पदाधिकारी प्रत्यूष शेखर ने बताया कि मेले में शामिल कंपनियां अभ्यर्थियों को 10 हजार से लेकर 50 हजार रुपए तक के मासिक वेतन की पेशकश कर रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि इस मेले की खासियत यह है कि डिग्रीधारी युवाओं के साथ-साथ कम शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवारों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। यह पूरी प्रक्रिया निःशुल्क है और झारखंड सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। बेंगलुरु से आई एनटीटीएफ कंपनी के प्रतिनिधि श्यामल जी सिंह ने जानकारी दी कि चयनित युवाओं को प्रशिक्षण के दौरान लगभग 19 हजार रुपए मासिक स्टाइपेंड, निःशुल्क हॉस्टल, बीमा और परिवहन सुविधा प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि योग्यता के अनुसार विभिन्न श्रेणियों में अवसर उपलब्ध हैं, जो युवाओं के लिए बेहतर भविष्य बनाने का सुनहरा मौका है। इस रोजगार मेले ने क्षेत्र के बेरोजगार युवाओं में नई उम्मीद जगाई है।
