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बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) के एक दिवंगत कर्मचारी के परिजनों ने डीसी और बीएसएल प्रबंधन से गुहार लगाई है। उन्होंने मेडिकल बोर्ड की कार्यवाई की निष्पक्ष समीक्षा कराने और परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए आश्रित सदस्य को अनुकंपा के आधार पर नौकरी दिलाने की मांग की है। परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, दिवंगत कर्मचारी डोमन महतो वर्ष 2017 से मानसिक रोग (साइकियाट्री) का इलाज करा रहे थे। वे नियमित रूप से दवाइयों का सेवन करते थे। बाद में उन्हें गंभीर लीवर संबंधी बीमारी भी हुई। उपचार के बाद उनकी स्थिति में सुधार हुआ था और वे सामान्य जीवन जीते हुए प्लांट में नियमित ड्यूटी कर रहे थे। दोबारा साइकियाट्री विभाग में भर्ती कराया गया आवेदन में बताया गया है कि बाद में साइकियाट्री की समस्या दोबारा उभर आई। चिकित्सकों की सलाह पर दवाइयां बंद होने के कुछ समय बाद उनके व्यवहार में अचानक परिवर्तन आने लगा। वे ठीक से सो नहीं पा रहे थे और प्लांट में भी उनका व्यवहार असामान्य हो गया था। इसके बाद उन्हें दोबारा साइकियाट्री विभाग में भर्ती कराया गया। अप्रैल 2026 में उनकी तबीयत गंभीर होने पर उन्हें बीजीएच में भर्ती कराया गया, जिसके बाद उन्हें सीएमसी वेल्लोर रेफर किया गया। वहां मानसिक रोग के साथ लीवर संबंधी समस्या का भी उपचार हुआ। इसके बाद बीजीएच में आईसीयू, जनरल वार्ड और सीसीयू में उनका इलाज चला। बाद में उन्हें मेदांता अस्पताल भी रेफर किया गया। घर लौटने के कुछ दिनों बाद उनकी हालत फिर बिगड़ गई और उन्हें वेंटिलेटर पर रखना पड़ा। परिजनों का आरोप है कि मेडिकल बोर्ड के समक्ष परिवार को दिवंगत कर्मचारी का पूरा चिकित्सा और मानसिक रोग संबंधी इतिहास प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाया। उन्होंने मेडिकल बोर्ड के निष्कर्ष की निष्पक्ष समीक्षा, आवश्यकतानुसार पुनः विशेषज्ञ चिकित्सकीय राय लेने और सभी संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देने की मांग की है। परिवार ने कहा कि दिवंगत कर्मचारी संयुक्त परिवार के मुख्य कमाने वाले सदस्य थे। ऐसे में परिवार की आर्थिक स्थिति अत्यंत कठिन हो गई है। परिजनों ने प्रशासन और बीएसएल प्रबंधन से मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए योग्य आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति दिलाने और अन्य नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई है।
बोकारो में दिवंगत कर्मी के परिजन ने लगाई गुहार:BGH में दिया धरना, मेडिकल बोर्ड की निष्पक्ष समीक्षा और अनुकंपा पर नौकरी की मांग

