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बोकारो स्टील प्लांट (बीएसएल) में विस्थापितों का आंदोलन शनिवार को आठवें दिन भी जारी रहा। नियोजन की मांग को लेकर आंदोलनकारियों ने सुबह से ही प्लांट के सभी प्रवेश द्वार बंद कर दिए। इससे करीब 5 हजार कर्मचारी बाहर फंस गए। संयंत्र का कामकाज भी प्रभावित हुआ। इससे पहले आंदोलनकारियों ने स्टील गेट नंबर-9 और दुग्गल गेट नंबर-10 को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर धरना शुरू किया था। शुक्रवार को गेट नंबर-3, 4 और 5 के अलावा सीजेड गेट, मंसा सिंह गेट और टीसी गेट पर भी प्रदर्शन किया गया था। आंदोलनकारियों ने शुक्रवार को मेन गेट बंद करने की चेतावनी दी थी। इसके बाद शनिवार सुबह से ही वे विभिन्न गेटों पर जुट गए। कर्मचारियों को प्लांट में प्रवेश करने से रोक दिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन जारी रहेगा। 1500 अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की बहाली प्रमुख मांग विस्थापित नौजवान संघर्ष मोर्चा और विस्थापित अप्रेंटिस संघ की प्रमुख मांग 1500 विस्थापित अप्रेंटिस प्रशिक्षुओं की बहाली है। इसके अलावा चतुर्थ वर्ग की नौकरियों में पहले की आरक्षण व्यवस्था बहाल करने और विस्थापितों के लिए स्पष्ट नियोजन नीति बनाने की मांग की जा रही है। आंदोलनकारियों का कहना है कि जिन परिवारों ने प्लांट के लिए अपनी जमीन दी, उनके युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद भी नौकरी नहीं मिलने से युवाओं के सामने आर्थिक संकट है। वे ठेका आधारित रोजगार के बजाय नियमित बहाली चाहते हैं। विस्थापित अप्रेंटिस संघ टू-टैंक गार्डन के पास आमरण अनशन पर बैठा है। संगठन का दावा है कि सात दिनों से आमरण अनशन जारी है। इसके बावजूद बीएसएल प्रबंधन और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है। उत्तम महतो बोले- मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन होगा तेज विस्थापित नेता उत्तम महतो ने कहा कि प्रबंधन ने अब तक मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई है। आंदोलनकारी शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे हैं। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आंदोलनकारियों की मांगों पर जल्द फैसला होना चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी है कि समाधान नहीं निकला, तो आगे की रणनीति घोषित की जाएगी। आंदोलनकारियों का आरोप है कि पिछले डेढ़ साल से उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है। उनका कहना है कि प्रबंधन कमिटमेंट करता है, लेकिन उसे पूरा नहीं करता। कई संगठनों के एक मंच पर आने से आंदोलन का दायरा बढ़ गया है। अब सभी की नजर प्रबंधन और प्रशासन की पहल पर है। विधायक श्वेता सिंह की तबीयत बिगड़ी, आंदोलन पर नजर बोकारो विधायक श्वेता सिंह ने आंदोलन के दौरान अपनी तबीयत खराब होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बीपी कम होने और कमजोरी की शिकायत हुई थी। इसके बावजूद वह आंदोलन की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। उन्होंने बताया कि शहीद प्रेम महतो की मां अस्पताल से लगातार फोन कर विस्थापित आंदोलनकारियों का हालचाल पूछ रही हैं। आंदोलनकारियों ने कहा कि मांगों पर जल्द बातचीत नहीं हुई, तो प्लांट का कामकाज पूरी तरह ठप करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं। फिलहाल सभी गेट बंद होने से कर्मचारियों की आवाजाही प्रभावित हुई है। अब देखना होगा कि बीएसएल प्रबंधन और जिला प्रशासन आंदोलन खत्म कराने के लिए क्या पहल करते हैं।
बोकारो में विस्थापितों का 8वें दिन भी प्रदर्शन जारी:बोकारो स्टील प्लांट के सभी गेट बंद, 1500 विस्थापितों की बहाली की मांग
