Saturday, May 2, 2026

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भगवान बुद्ध की प्रतिमा को अबीर-गुलाल लगा कर मनाते होली:नालंदा के तेतरावां में परंपरा चर्चा का केंद्र बना; देसी घी से होता है अभिषेक


नालंदा जिला मुख्यालय से महज 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित तेतरावां गांव अपनी सदियों पुरानी और विलक्षण परंपरा के लिए चर्चा का केंद्र बना हुआ है। यहां की होली तब तक शुरू नहीं होती, जब तक ग्रामीण अपनी आराध्य भगवान बुद्ध की प्रतिमा के साथ अबीर-गुलाल नहीं खेल लेते। बुद्ध और रंगोत्सव का यह मेल न केवल धार्मिक आस्था बल्कि नालंदा के गौरवशाली इतिहास को भी जीवंत करता है। मीठा रावा और देसी घी से होता है अभिषेक तेतरावां में स्थापित भगवान बुद्ध की काले पत्थर की प्राचीन और विशाल प्रतिमा को स्थानीय ग्रामीण श्रद्धावश ‘बाबा भैरव’ के नाम से पुकारते हैं। आज होली के शुभ अवसर पर सुबह से ही मंदिर में विशेष अनुष्ठान का माहौल दिखा। परंपरा के अनुसार, सबसे पहले भगवान बुद्ध की प्रतिमा की विधिवत सफाई की गई। इसके बाद प्रतिमा की चमक को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए उस पर मीठा रावा और शुद्ध देसी घी का विशेष लेप लगाया गया। प्रतिमा को सफेद चादर ओढ़ाकर सुरक्षित करने के बाद ही ग्रामीणों ने भगवान को रंग-गुलाल अर्पित किया। इसके बाद ही पूरे गांव में होली का आधिकारिक शंखनाद हुआ। पालकाल और नालंदा विश्वविद्यालय से जुड़ा है नाता गांव के बुजुर्गों और स्थानीय निवासियों—राजकुमार प्रसाद सिंह, रामू यादव और राजीव रंजन पाण्डेय—का कहना है कि यह परंपरा आज की नहीं बल्कि पालकालीन समय से चली आ रही है। इतिहासकारों के अनुसार, जब प्राचीन नालंदा विश्वविद्यालय अपने चरमोत्कर्ष पर था, तब तेतरावां मूर्तिकला का एक प्रमुख केंद्र हुआ करता था। भूमि स्पर्श मुद्रा में विराजित बुद्ध की यह प्रतिमा उसी कालखंड की वैभवगाथा सुनाती है। जानकारों का तो यहां तक मानना है कि फाल्गुन उत्सव की जड़ें कहीं न कहीं प्राचीन बौद्ध परंपराओं से ही जुड़ी हुई हैं। भजन-कीर्तन के साथ सुख-समृद्धि की कामना दिन भर रंगों की मस्ती और एक-दूसरे को अबीर लगाने के बाद, शाम ढलते ही पूरा गांव मंदिर परिसर में एकत्रित होता है। यहाँ विशेष भजन-कीर्तन का आयोजन किया जाता है, जिसमें ग्रामीण भगवान बुद्ध के चरणों में शीश नवाकर पूरे क्षेत्र में शांति, प्रेम और खुशहाली की कामना करते हैं। आधुनिकता के इस दौर में भी तेतरावां की यह ‘बुद्ध वाली होली’ समाज को आपसी सौहार्द और अपनी जड़ों से जुड़े रहने का एक बड़ा संदेश दे रही है।

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