भागलपुर में गुरुवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया। आसमान में घने बादल छाए रहे और हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली। सुबह करीब 10 बजे तक सूरज बादलों में छिपा रहा। ठंडी हवाओं ने मौसम को सुहावना बना दिया। पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस से परेशान लोगों के लिए यह बदलाव राहत लेकर आया है। सुबह घरों से निकलने वाले लोगों को तेज धूप और गर्म हवाओं का सामना नहीं करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे के दौरान और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवा के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। पिछले कई दिनों से तापमान अपेक्षाकृत कम रहने के बावजूद हवा में अधिक नमी के कारण लोगों को उमस और बेचैनी का सामना करना पड़ रहा है। संभावित बारिश से तापमान गिरेगा तथा गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। बारिश से गर्मी और उमस में मिली राहत सुल्तानगंज, नाथनगर, जगदीशपुर, नवगछिया, कहलगांव और पीरपैंती जैसे कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। बूंदाबांदी और तेज फुहारों ने वातावरण को पूरी तरह बदल दिया। मौसम विभाग के अनुसार, 14 जून तक जिले में बारिश और आंधी के आसार बने रहेंगे। यह मौसम किसानों के लिए भी लाभकारी माना जा रहा है, क्योंकि खेतों में नमी बढ़ने से आगामी कृषि कार्यों में सहायता मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और स्थानीय मौसमी सिस्टम के प्रभाव से जिले में मौसम का यह बदला हुआ स्वरूप अभी कुछ दिनों तक बना रह सकता है। विभाग ने 14 जून तक भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों में बादल छाए रहने, हल्की से मध्यम बारिश होने तथा कुछ स्थानों पर तेज आंधी और जोरदार वर्षा की संभावना जताई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस दौरान हवा की गति भी बढ़ सकती है। तेज आंधी के कारण पेड़ों की टहनियां टूटने, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने और निचले इलाकों में जलजमाव जैसी स्थितियां उत्पन्न हो सकती हैं। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है।
बारिश और बादलों की वजह से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे दिन के समय होने वाली गर्मी का असर कम महसूस किया जा रहा है।

